नई दिल्ली | 8 जून 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के प्रमुख प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की . इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि और एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह भी मौजूद रहे .
समीक्षा का केंद्र: तेजस MK1A डिलीवरी में देरी
इस बैठक का मुख्य केंद्र भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए अहम LCA तेजस MK1A फाइटर जेट की डिलीवरी में हो रही बार-बार की देरी थी . 2021 में 83 तेजस MK1A विमानों के लिए 45,696 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था, जिसकी डिलीवरी फरवरी 2024 से शुरू होनी थी, लेकिन अब तक वायुसेना को एक भी विमान नहीं मिल पाया है .
राजनाथ सिंह का सख्त संदेश
रक्षा मंत्री ने HAL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रवि कोटा से स्पष्ट कहा कि कंपनी को अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरना चाहिए और डिलीवरी के समय को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए . सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि HAL को वायुसेना के साथ मिलकर एक यथार्थवादी समय-सीमा तय करनी चाहिए और ऐसा वादा नहीं करना चाहिए जिसे पूरा न किया जा सके .
देरी के पीछे मुख्य कारण
तेजस MK1A की डिलीवरी में देरी के कई कारण हैं:
इंजन की आपूर्ति में रुकावट: अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से F404-IN20 इंजन की आपूक्ति में देरी इसका प्रमुख कारण है . 2021 में ऑर्डर किए गए 99 इंजनों में से केवल 6 ही अब तक भारत पहुंच पाए हैं .
सिस्टम इंटीग्रेशन में चुनौतियां: AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सूट और मिसाइलों का आपस में तालमेल बिठाने में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं .
प्रमाणन में देरी: कई विमानों के एयरफ्रेम तैयार हैं, लेकिन आवश्यक प्रमाणन और स्वीकृति प्रक्रियाएं अधूरी हैं .
आत्मनिर्भरता पर जोर
रक्षा मंत्री ने साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना और सशस्त्र बलों की आधुनिकीकरण योजनाओं को समय पर पूरा करना है .
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय अब देरी के लिए HAL पर जुर्माना (पेनल्टी) लगाने की संभावना भी तलाश कर रहा है . हालांकि, HAL की ओर से अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त-सितंबर 2026 तक डिलीवरी शुरू हो सकेगी

0 Comments