“जनता के लिए जेल जाना पड़े तो पीछे मत हटना” : रायपुर में AAP कार्यकर्ताओं को संजय सिंह का जोशीला संदेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता सम्मेलन ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। शहीद स्मारक भवन में आयोजित इस सम्मेलन में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक नया संदेश दिया – “जेल जाने से डरो नहीं। अगर जनता की लड़ाई लड़नी है, तो संघर्ष के लिए तैयार रहना सीखो।”

उन्होंने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य सिर्फ कुर्सी हासिल करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं को समझना और उनके लिए संघर्ष करना होना चाहिए। यही वह संदेश था, जिसने वहाँ मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं की रगों में नई ऊर्जा का संचार कर दिया।

‘डबल इंजन नहीं, गड़बड़ इंजन की सरकार’

संजय सिंह ने मंच से केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी आम आदमी को रोटी, दवा और किताब के लिए तरसना पड़ रहा है।

उन्होंने विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ के दावे पर तंज कसते हुए कहा – “यह डबल इंजन नहीं, बल्कि गड़बड़ इंजन की सरकार है। एक तरफ खनिज संपदा की बौछार है, दूसरी तरफ जनता की परेशानियाँ। खनिज बिक रहा है, मगर उसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा।”

“भाजपा-कांग्रेस से निराश जनता अब विकल्प तलाश रही है”

संजय सिंह ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के बीच दशकों से चली आ रही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ने आम आदमी को कुछ नहीं दिया। दोनों दलों की सरकारें आईं और गईं, लेकिन गरीब, किसान, मजदूर और युवा आज भी उसी हाल में हैं।

उनके अनुसार, अब जनता तीसरे विकल्प की तलाश कर रही है और आम आदमी पार्टी उसी विकल्प के रूप में उभर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा – “हम किसी के सामने हाथ फैलाने वाली पार्टी नहीं हैं। हम जनता के पैरों में ताकत बनकर खड़े हैं।”

पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत – जमीन पर उतरो, संगठन बढ़ाओ

संजय सिंह ने इस मौके पर संगठन विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आप पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले जाएं, लोगों की परेशानियां समझें और उनके समाधान के लिए सरकार से लगातार आवाज उठाएं।

उन्होंने कहा – “राजनीति में विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है। जब जनता तुम पर भरोसा करेगी, तो सत्ता अपने आप तुम्हारे कदम चूमेगी। कुर्सी के पीछे मत भागो, पहले जनता के काम के पीछे भागो।”

डी.एड. अभ्यर्थियों से मुलाकात, युवाओं की समस्याओं पर बात

कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान ही संजय सिंह ने रायपुर में धरने पर बैठे डी.एड. अभ्यर्थियों से भी मुलाकात की। उन्होंने उनकी मांगों को ध्यान से सुना और कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को लगातार नज़रअंदाज किया जा रहा है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

उन्होंने सरकार से युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की। यह पहल AAP के उस दृष्टिकोण को भी दिखाता है, जहाँ पार्टी केवल बयान नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने का प्रयास कर रही है।

प्रदेश AAP के कई बड़े चेहरे रहे मौजूद

रायपुर के इस सम्मेलन में प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत, सह-प्रभारी सौरभ झा और समर कुमार, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, देवलाल नरेटी, प्रदेश महासचिव वदूद आलम तथा प्रमुख प्रवक्ता सूरज उपाध्याय सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

लोकतंत्र में संघर्ष की भूमिका

सम्मेलन के दौरान संजय सिंह ने लोकतंत्र में विरोध और जन आंदोलनों की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास बताता है – हर बड़ा बदलाव संघर्ष से आया है। चाहे वह आज़ादी की लड़ाई हो या फिर लोकपाल आंदोलन। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह के दबाव में नहीं आना चाहिए और यदि जरूरत पड़े तो जेल जाने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए।

यह बयान काफी हद तक AAP के मूल दर्शन से मेल खाता है – जहाँ केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य नेता कई बार संघर्ष के दौर में जेल जा चुके हैं।

क्या AAP छत्तीसगढ़ में बना पाएगी जगह?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में अपनी पैठ मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रही है। पार्टी लगातार जनसरोकारों के मुद्दे उठाकर भाजपा और कांग्रेस को घेर रही है। रायपुर का यह कार्यकर्ता सम्मेलन भी इसी रणनीति का हिस्सा था।

कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने, स्थानीय समस्याओं को बुलंद करने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। संजय सिंह के भाषण ने कार्यकर्ताओं में उत्साह तो बढ़ा दिया, लेकिन असली परीक्षा अब यही होगी – क्या यह उत्साह वोटों और सीटों में बदल पाएगा? क्या छत्तीसगढ़ की जनता AAP को तीसरे विकल्प के रूप में स्वीकार करेगी? यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, रायपुर में AAP के कार्यकर्ता उत्साहित हैं और उनका मानना है कि ‘बदलाव’ अब दूर नहीं।

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