चाची ने प्रेम संबंध का राज देखा, भतीजी ने बॉयफ्रेंड संग रची साजिश: दीवार पर पटककर की हत्या, CCTV से खुला खौफनाक कांड

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सरगुजा। अंबिकापुर के लखनपुर क्षेत्र की एक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहाँ एक बुजुर्ग महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए उसकी भतीजी और भतीजी के प्रेमी को गिरफ्तार किया है। वारदात के पीछे की वजह और भी चौंकाने वाली है – महिला ने अपनी ही भतीजी और उसके प्रेमी को एक साथ देख लिया था। बस इसी डर ने दो युवाओं को इतना बेरहम बना दिया कि उन्होंने उस बुजुर्ग महिला की जान लेने में कोई गुरेज नहीं किया।

31 मई को मिली थी मौत की खबर, शुरू में मामला था सामान्य

31 मई 2026 को अंबिकापुर के लखनपुर थाना क्षेत्र के भुईंयापारा इलाके में रहने वाली 65 वर्षीय लक्ष्मी लकड़ा की मौत की खबर मिली। मृतका के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। शुरू में मौत के कारण स्पष्ट नहीं थे, इसलिए पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। इस स्तर पर किसी को शक नहीं था कि यह कोई साधारण मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी पूरी तस्वीर

जब पुलिस टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंची, तो उन्होंने मृतका के शरीर पर चोट और घसीटे जाने के निशान देखे। यह निशान सामान्य मौत के नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, पूरा मामला पलट गया। रिपोर्ट में साफ सुबूत मिले कि यह मौत साधारण नहीं बल्कि हत्या के कारण हुई थी।

सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग

पुलिस ने अब हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में रात के समय एक युवक मृतका के घर के आसपास आता-जाता दिखा। इतना ही नहीं, मृतका की भतीजी तेरेसा एक्का भी उसी युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखी। पुलिस को यह जोड़ी बेहद संदिग्ध लगी।

पूछताछ में टूटे आरोपी, सामने आया सच

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने तेरेसा एक्का और उसके प्रेमी आशीष कुमार गुप्ता को हिरासत में लिया। शुरू में दोनों ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की, लेकिन जब उनके सामने ठोस सबूत पेश किए गए, तो दोनों टूट गए और हत्या की बात कबूल कर ली।

प्रेम संबंध का भेद खुलने का था डर

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था। कुछ दिनों पहले मृतका लक्ष्मी ने दोनों को एक साथ देख लिया था। आरोपियों को डर था कि कहीं चाची इस बात की जानकारी परिवार के अन्य लोगों या समाज को न दे दे। अगर ऐसा हुआ, तो उनकी इज्जत पर दाग लग जाता और शायद परिवार वाले उन्हें स्वीकार भी न करते। इसी डर और घबराहट में दोनों ने चाची को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

रात को पहुंचे घर, विवाद के बाद कर दी हत्या

घटना वाली रात दोनों आरोपी बुजुर्ग महिला के घर पहुंचे। किसी बात को लेकर विवाद हुआ और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार महिला को दीवार से धक्का मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देकर दोनों वहाँ से फरार हो गए और मामले को साधारण मौत का रूप देने की कोशिश की।

तकनीकी सबूत और पुलिस की मेहनत रंग लाई

लेकिन पुलिस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले संकेत और सीसीटीवी फुटेज ने दोनों की सारी साजिश पर पानी फेर दिया। मोबाइल लोकेशन, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच से पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ लीं।

एक चाची की मौत, दो जवानों की ज़िंदगी तबाह

विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार व्यक्तिगत संबंधों को छिपाने या सामाजिक दबाव के कारण लोग ऐसे गंभीर अपराध कर बैठते हैं। लेकिन यह भूल जाते हैं कि हत्या जैसी वारदात का अंजाम बहुत बुरा होता है। इस मामले में दो युवा प्रेमी आज जेल में हैं, और एक बुजुर्ग महिला अपनी जान गंवा चुकी है।

एक स्थानीय निवासी ने कहा – “लक्ष्मी मां जैसी थी। उसका कोई अपना नहीं था। यही सोचकर दर्द होता है कि जिस भतीजी के लिए उसने सोचा होगा, उसी ने उसकी जान ले ली।”

पुलिस ने किया गिरफ्तार, अब कानून करेगा अपना काम

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या यह हत्या पहले से योजनाबद्ध थी या फिर अचानक बढ़े विवाद का नतीजा। आरोपियों से पूछताछ जारी है।

बेरहमी की दास्तान, रिश्तों पर काला धब्बा

सरगुजा का यह मामला सच में बेहद शर्मसार करने वाला है। एक बुजुर्ग महिला जो शायद अपने परिवार के लिए बिना शर्त स्नेह रखती थी, उसी के भरोसे का गला घोंट दिया गया। अब कानून अपना काम करेगा, लेकिन इस वारदात ने मानवीय रिश्तों की नींव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कहीं न कहीं हम सबको सोचना होगा – क्या प्रेम और स्वार्थ इतने अंधे हो सकते हैं कि किसी बेगुनाह की जान ले ली जाए? और क्या हम अपने बच्चों को यह संदेश दे रहे हैं कि ‘डर’ से ‘अपराध’ तक का रास्ता आसान है? शायद इस सवाल का जवाब ही इस मामले की सबसे बड़ी त्रासदी है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, और अब देखना है कि क्या इस बार सच को दबाया जा सकता है। क्योंकि इस बार पुलिस अपने जांच में जुटी है, और सबूतों के सामने झूठ टिक नहीं सकता।

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