राजनांदगांव में लोहे की रॉड और फावड़े से हमला, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया; पुरानी रंजिश बनी वजह

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राजनांदगांव। थाना लालबाग क्षेत्र के अंतर्गत एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। यहाँ पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर लोहे की रॉड और फावड़े से गंभीर हमला किया गया। घायल युवक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर भीषण चोटें आईं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए।

पेंड्री निवासी युवक पर किया गंभीर हमला

यह घटना 24 जनवरी 2026 की है। पेंड्री निवासी हीरुराम कुंजाम ने थाना लालबाग पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पुत्र पर एक व्यक्ति ने पुरानी रंजिश के कारण जानलेवा हमला किया। शिकायत में बताया गया कि आरोपी कैलाश उइके ने लोहे की रॉड और फावड़े से उस पर कई वार किए। हमले में युवक के सिर पर गंभीर चोट लगी और वह बुरी तरह घायल हो गया।

घटना के तुरंत बाद घायल को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल राजनांदगांव ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण पुलिस ने मामले को बेहद संवेदनशील माना।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, शुरू की त्वरित कार्रवाई

घटना की रिपोर्ट के आधार पर थाना लालबाग में अपराध क्रमांक 47/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत विवेचना शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए और चिकित्सकीय रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह हमला पूर्व नियोजित था और इसमें गंभीरता से जानलेवा इरादा दिख रहा था। इसके आधार पर विवेचना के दौरान मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला अभियान, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में इस मामले की निगरानी की जा रही थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में थाना लालबाग की पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी रही। लगातार उसके ठिकानों पर नजर रखी गई। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर से मिली सूचनाओं की मदद से पुलिस ने अभियान तेज कर दिया।

आखिरकार 8 जून 2026 को पुलिस ने आरोपी कैलाश उइके (निवासी रामनगर वार्ड क्रमांक 7, चिखली चौकी क्षेत्र) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और फावड़ा भी बरामद कर लिए गए। इन हथियारों को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है।

पुरानी रंजिश ने दी हिंसा को जन्म

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और पीड़ित के बीच पुरानी रंजिश थी। क्या था विवाद का कारण, इसे लेकर अभी पुलिस गहराई से जांच कर रही है। लेकिन इतना साफ है कि यह पुरानी दुश्मनी ही उस हद तक पहुंच गई, जहां एक ने लोहे की रॉड और फावड़ा उठा लिया।

कानून विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवाद सालों तक चलते रहते हैं और एक दिन वे भयानक हिंसा में बदल जाते हैं। समय रहते बिचौलियों या पंचायत के स्तर पर समाधान निकाला जाए, तो कई बार ये विकराल रूप न लें।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया

चूंकि यह मामला गैर-जमानती श्रेणी का है और इसमें प्रयुक्त हथियारों से हमले की गंभीरता साफ झलकती है, इसलिए आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अब मामले की अगली सुनवाई में पुलिस अपने साक्ष्य पेश करेगी और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पुलिस ने दी चेतावनी, बोली- कानून अपने हाथ न लें

राजनांदगांव पुलिस ने इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम बताया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी को भी अपने हाथों से न्याय लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यदि किसी के साथ गलत हो रहा है या किसी से कोई पुराना विवाद है, तो उसका हल कानूनी तरीके से निकाला जाना चाहिए, हिंसा का सहारा नहीं।

एक अधिकारी ने कहा – “यह मामला बताता है कि कैसे एक पुरानी रंजिश दो परिवारों को तबाह कर सकती है। घायल को अभी भी इलाज की जरूरत है और आरोपी जेल में है। यह किसी के लिए अच्छी स्थिति नहीं है।”

जनता से सहयोग की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या किसी अपराध की सूचना मिलती है, तो तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दें। साथ ही, यह भी कहा कि किसी भी विवाद को निजी स्तर पर सुलझाने की कोशिश के बजाय कानूनी रास्ता अपनाया जाए।

रंजिश ने मचाई तबाही, अब कानून करेगा अपना काम

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुरानी रंजिश जब हिंसा का रूप ले लेती है, तो किसी की जान भी जा सकती है। समय रहते यदि समाधान निकाला जाता, तो युवक को अस्पताल नहीं जाना पड़ता और आरोपी को जेल नहीं। फिलहाल अब कानून अपना काम करेगा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

हमें उम्मीद है कि इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी बनेगा जो कानून को अपने हाथ में लेने का विचार भी करें। क्योंकि अपराध चाहे कितना भी पुरानी रंजिश में किया गया हो, कानून उसे माफ नहीं करता। और एक बार अपराध करने के बाद, पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता।

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