CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: प्रशांत लोखंडे बने नए अध्यक्ष, विवादों के बीच हुआ बदलाव

Photo: X/Prashant Lokhande


नई दिल्ली | 2 जून 2026

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में मंगलवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को बोर्ड का नया अध्यक्ष (चेयरमैन) नियुक्त किया है.

प्रशांत लोखंडे 2001 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, जो इससे पहले गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात थे. उन्होंने राहुल सिंह की जगह ली है, जिनका तबादला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कर दिया गया है.

इसके अलावा, वरुण भारद्वाज को सीबीएसई का नया सचिव नियुक्त किया गया है। वह शिक्षा मंत्रालय में निदेशक के पद पर तैनात थे. उन्होंने हिमांशु गुप्ता का स्थान लिया है, जिन्हें प्रशासनिक आधार पर समय से पहले ही उनके मूल सचिवालय (गृह मंत्रालय) में वापस भेज दिया गया है.

क्यों हुआ यह बदलाव?

यह फेरबदल ऐसे समय में किया गया है जब सीबीएसई अपनी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर विवादों में घिरा हुआ है. छात्रों ने डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ियों, स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं और मूल हस्तलेखन के बीच बेमेल होने, साथ ही पोर्टल पर तकनीकी खामियों की शिकायतें की थीं.

सरकार ने इसी के साथ एक सदस्यीय जांच समिति का भी गठन किया है। क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान को इस जांच का जिम्मा सौंपा गया है, जो ओएसएम सेवाओं की खरीद से जुड़े मामलों की जांच करेंगी और एक महीने में रिपोर्ट सौंपेंगी.

राजनीतिक हलचल

इन बदलावों ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। विपक्ष ने इसे "ढकोसला" करार दिया है.

  • राहुल गांधी ने कहा कि अधिकारियों को तो हटाया जा रहा है, लेकिन "असली जिम्मेदार" शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अब भी पद पर बने हुए हैं.

  • मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे "सिर्फ आंखों की धूप" बताते हुए कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और प्रधान को बर्खास्त किया जाना चाहिए.

यह कदम एक ऐसे समय में उठाया गया है जब सीबीएसई छात्रों के परिणामों और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवालों के घेरे में था.

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