नई दिल्ली | 2 जून 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन को लेकर दिल्ली, मुंबई और राजस्थान के उदयपुर स्थित कंपनी के परिसरों में छापेमारी की है .
क्या है पूरा मामला?
ED के अधिकारियों के अनुसार, यह जांच FEMA के नागरिक प्रावधानों के तहत की जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र वेदांता ग्रुप के विदेशी वित्तीय लेन-देन और सीमा पार धन के ट्रांसफर में कथित अनियमितताएं हैं .
खासतौर पर, भारतीय कंपनी वेदांता लिमिटेड की लंदन स्थित मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेज द्वारा 2023 में ब्रांड शुल्क (ब्रांड फी) का एक हिस्सा वापस करने के मामले की जांच की जा रही है . एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या ब्रांड उपयोग के लिए किए गए ये भुगतान विदेशी मुद्रा विनियमों के अनुपालन में थे .
यह छापेमारी कार्रवाई सोमवार यानी 1 जून से शुरू हुई और मंगलवार को भी जारी रही . सूत्रों के मुताबिक, सर्च ऑपरेशन अब पूरा हो चुका है .
कंपनी पर क्या असर पड़ा?
इस खबर के आने के बाद शेयर बाजार में वेदांता लिमिटेड के शेयरों पर दबाव देखा गया। मंगलवार को ED की सर्च ऑपरेशन की खबर आते ही कंपनी का शेयर करीब 1.5 फीसदी तक लुढ़क गया .
कंपनी का क्या कहना है?
वेदांता ग्रुप के प्रवक्ता ने ED की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रही है .
प्रवक्ता ने कहा, "कंपनी सभी लागू कानूनों और विनियमों के अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है। चूंकि यह मामला वर्तमान में नियामक प्रक्रिया के अधीन है, इसलिए इस पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा" .
अनिल अग्रवाल पहले से हैं विवादों में?
बता दें कि वेदांता के प्रमोटर अनिल अग्रवाल पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अप्रैल 2026 में ही उन्होंने अडानी ग्रुप के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी . यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हाल ही में उनका एक और बड़ा बिजनेस बिड अडानी ग्रुप से हार गया था, जिसके बाद से कॉरपोरेट जगत में उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं .
निष्कर्ष
ED की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब वेदांता ग्रुप अपने चार व्यवसायों को अलग-अलग कंपनियों के रूप में सूचीबद्ध करने की तैयारी कर रहा है . आने वाले दिनों में इस जांच से जुड़े और खुलासे सामने आ सकते हैं। फिलहाल, कंपनी और ED के बीच यह मामला नियामक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है और सभी की निगाहें इस जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

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