रायगढ़। जिले के थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के छोटे अतरमुड़ा स्थित साईं मंगलम गली किनारे एक किराये के मकान में चल रहे देह व्यापार के रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा तथा डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में थाना चक्रधरनगर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
गुप्त सूचना के बाद बिछाया गया जाल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छोटे अतरमुड़ा स्थित एक किराये के मकान में महिला गुंजन चौहान द्वारा अवैध आर्थिक लाभ के लिए युवतियों से देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया। सबूत जुटाने के लिए एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा गया। पाइंटर द्वारा निर्धारित संकेत मिलते ही पुलिस टीम ने उस मकान में दबिश दे दी।
छापेमारी के दौरान क्या मिला?
जब पुलिस टीम मकान में पहुंची, तो उन्होंने वहां महिला दलाल गुंजन चौहान को दरवाजे के पास बैठा पाया। उसने अपना नाम गुंजन चौहान (उम्र 36) बताया, जो मूल रूप से बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की रहने वाली है और फिलहाल छोटे अतरमुड़ा में किराए के मकान में रहती है। मकान के एक कमरे में एक महिला और एक पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुरुष ने अपना नाम नेहरू चौहान (उम्र 37) बताया, जो छित्तपटेरा, थाना डोंगरीपाली, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ का निवासी है। दूसरे कमरे में दो महिलाओं के साथ एक अन्य पुरुष मीर रविउल (उम्र 34) मिला। वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले का मूल निवासी है और फिलहाल जशपुर के पत्थलगांव इलाके में रहता है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को भी पकड़ा।
महिला दलाल के कब्जे से मिला ₹2,500 नकद
महिलाओं की गरिमा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस स्टाफ ने कमरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। साथ ही, महिला दलाल के कब्जे से पाइंटर द्वारा दिए गए ₹2,500 नकद भी जब्त किए गए। पूछताछ में महिला दलाल ने उक्त मकान किराए पर लेकर देह व्यापार संचालित करना स्वीकार किया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में महिला दलाल गुंजन चौहान तथा दो ग्राहक नेहरू चौहान और मीर रविउल को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 300/2026 के तहत अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 और 5 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले की अग्रिम विवेचना जारी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के बाद साफ संदेश दिया है कि महिलाओं के शोषण और अनैतिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई इस बात का सबूत है कि रायगढ़ पुलिस महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
पुलिस टीम को मिली सराहना
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय चेलक, एएसआई भागीरथी चौधरी, ज्योत्सना शर्मा, महिला प्रधान आरक्षक जेनिपा पन्ना, रेणु सिंह, प्रधान आरक्षक करूणेश राय, दुर्गेश सिंह, रूपराम पटेल, बुजलाल गुर्जर, आरक्षक जगमोहन ओगरे, पुष्पेन्द्र जाटवर, महेश पंडा, संतराम केंवट, नवीन शुक्ला, विकास प्रधान, जितेन्द्र कुर्रे एवं महिला आरक्षक मेनका चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरी टीम ने जिस सूझबूझ और साहस के साथ यह कार्रवाई की, उसकी जमकर तारीफ हो रही है।
महिलाओं के शोषण के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई
रायगढ़ में हुई यह कार्रवाई बड़े नेटवर्क की सिर्फ एक कड़ी भर है। पुलिस अब इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है कि आखिर इस रैकेट से कौन-कौन लोग जुड़े थे। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समाज में ऐसी गंदी गतिविधियों को चलाने वालों के लिए जल्द ही कोई जगह नहीं बचेगी, बशर्ते पुलिस और प्रशासन इसी तरह सतर्कता बनाए रखें। रायगढ़ पुलिस ने अपनी इस कार्रवाई से एक मजबूत संदेश दिया है – "अब ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" अब उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में इसी तरह के और भी नेटवर्क का पर्दाफाश होगा और इस दिशा में कार्रवाई और तेज होगी।

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