रिहायशी इलाके में आग से हड़कंप, स्थानीय लोगों और दमकल की मदद से बची कई जानें

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राजनांदगांव। रविवार का दिन शहर के राजीव नगर इलाके के लिए अचानक दहशत लेकर आया। लक्ष्मी टेंट हाउस के पास स्थित एक मकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया और लपटें मकान के अलग-अलग हिस्सों में फैलने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे।

आग की चपेट में आया मकान, परिवारों में मची अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक एक मकान से धुआं उठता दिखा। शुरू में किसी को भनक नहीं लगी, लेकिन जैसे ही आग ने विकराल रूप लिया, देखते-देखते पूरा इलाका सतर्क हो गया। मकान के अंदर मौजूद लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया। आसपास के घरों में रहने वाले परिवार भी डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। रिहायशी क्षेत्र होने की वजह से यहाँ कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया था।

स्थानीय लोगों ने सबसे पहले पानी और अन्य संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि प्रारंभिक प्रयास विफल रहे। इसके बाद लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया।




दमकल विभाग ने पाया काबू, बचाव कार्य में जुटे कर्मी

सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। आग बुझाने का काम कई घंटों तक चला। इस दौरान मकान के अंदर रखा घरेलू सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य वस्तुएं जलकर राख हो गईं। पूरे मकान को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन नुकसान की वास्तविक मात्रा का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकेगा।

सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इस दर्दनाक हादसे में किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने या जान गंवाने की खबर नहीं है। अगर आग थोड़ी और देर तक बेकाबू रहती, तो आसपास के घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे। समय रहते लोगों की सतर्कता और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग? जांच जारी

आग कैसे लगी, इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी, तो कुछ का कहना है कि रसोई में जलती गैस या अन्य कारणों से हादसा हुआ होगा। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही आग के असली कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल दमकल विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं।

लोगों ने उठाए अग्नि सुरक्षा के सवाल

यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा को लेकर कितनी लापरवाही बरती जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आग पर जल्द काबू पाने के लिए जरूरी है कि हर कॉलोनी में प्राथमिक अग्नि उपकरण हों। कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि गर्मी के मौसम में पुरानी वायरिंग और बिजली उपकरणों की जांच अवश्य करानी चाहिए।

एक स्थानीय निवासी ने कहा – “अगर थोड़ी भी लापरवाही हुई, तो ये छोटी-सी आग किसी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है। समय रहते अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।”

प्रशासन ने जताई संवेदनशीलता, मुआवजे की संभावना

प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है। राजनांदगांव कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन का फोकस पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाने पर है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे –
– घरों की पुरानी वायरिंग चेक कराएं।
– गैस सिलेंडर के वाल्व और रेगुलेटर की समय-समय पर जांच करें।
– कूलर, एसी, पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों को जरूरत से ज्यादा समय तक न चलाएं।
– घर में एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें।
– बच्चों को भी आग से बचाव के तरीके बताएं।

 बची जान, पर सवाल बरकरार

राजीव नगर की यह आग एक चेतावनी है। हालांकि किसी की जान नहीं गई, लेकिन एक परिवार का पूरा गृहस्थी जलकर राख हो गया। अब सवाल यह है कि क्या हम अपने घरों, मोहल्लों और शहरों को आग जैसी दुर्घटनाओं से बचाने के लिए पर्याप्त तैयार हैं? या फिर हम तब तक इंतजार करेंगे, जब तक कोई बड़ी त्रासदी हमें नहीं जगाती?

प्रशासन की तत्परता से यह हादसा और बड़ा होने से बच गया, लेकिन सवाल यही है – क्या अगली बार भी यही किस्मत हमारा साथ देगी? फिलहाल आग बुझ चुकी है, लेकिन अग्नि सुरक्षा को लेकर आम जनता के मन में जो डर और चिंता बनी है, वह अभी बुझी नहीं है।

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