नशामुक्त छत्तीसगढ़' अभियान में बड़ी सफलता, भाठागांव बस स्टैंड से अंतर्राज्यीय महिला तस्कर धराई, पुलिस ने 8 लाख रुपये से अधिक का गांजा किया जब्त

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के “नशामुक्त छत्तीसगढ़” के विजन के बीच रायपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टिकरापारा थाना पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय महिला तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 16 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है। यह गांजा की अनुमानित कीमत 8 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह कार्रवाई रायपुर पुलिस के उस अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में नशे के कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।

मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई

6 जून को टिकरापारा थाना पुलिस को एक मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना के अनुसार, भाठागांव बस स्टैंड के पास रावणभाठा मैदान क्षेत्र में एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थी और अवैध गांजा बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रही थी। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दी।

महिला की तलाशी, बरामद हुआ भारी मात्रा में गांजा

मुखबिर के हुलिए के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध महिला की पहचान की। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए एक महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से कुल 16.434 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार इस मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत 8 लाख 21 हजार 700 रुपये बताई गई है।

बरामदगी के बाद महिला को तत्काल हिरासत में ले लिया गया और थाने लाकर पूछताछ शुरू की गई।

आरोपी ने बताया तस्करी का नेटवर्क

गिरफ्तार महिला की पहचान पूजा देवी सोनकर के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के चकरा गांव की रहने वाली है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह यह गांजा ओडिशा से लेकर आई थी और इसे उत्तर प्रदेश ले जाकर बेचने की योजना थी। पुलिस के अनुसार यह महिला अंतर्राज्यीय तस्करी में शामिल है और संभवतः यह सिर्फ एक छोटी कड़ी है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस को शक है कि इस तस्करी मामले में आरोपी अकेली नहीं है। इस नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं। पुलिस टीम मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, यात्रा रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि ओडिशा से लेकर उत्तर प्रदेश तक यह गांजा कैसे और किन माध्यमों से पहुँचाया जाता था।

आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज, जेल भेजा गया

पुलिस ने इस मामले में टिकरापारा थाना में अपराध क्रमांक 501/2026 दर्ज किया है। आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 20(बी) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया।

डीसीपी वेस्ट ने कहा – नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

डीसीपी पश्चिम संदीप कुमार पटेल ने मीडिया को बताया कि रायपुर पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा – “नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज को सुरक्षित बनाना है।”

जनता से सहयोग की अपील

रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अगर आपके आसपास नशे के अवैध कारोबार की कोई जानकारी मिलती है, तो कृपया तुरंत डायल-112, नजदीकी थाना या सिटीजन कॉप एप के माध्यम से सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। पुलिस को आम लोगों की सूचनाओं से बड़ी सफलताएँ मिलती रही हैं।

“नशामुक्त छत्तीसगढ़” की मुहिम को मिली मजबूती

रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से “नशामुक्त छत्तीसगढ़” अभियान को भी मजबूती मिली है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में रायपुर पुलिस ने गांजा, नशीली गोलियां और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी बढ़ाई गई है ताकि नशा तस्कर सक्रिय न हो सकें।

एक छोटी सी गिरफ्तारी, एक बड़ी चुनौती

यह सिर्फ 8 लाख रुपये के गांजा जब्त करने की खबर नहीं है। यह उस विशाल नेटवर्क के एक कोने का खुलासा है, जिसका बाजार युवाओं की ज़िंदगी से चलता है। पुलिस की यह गिरफ्तारी एक चेतावनी है – उन तस्करों के लिए जो हमारे बच्चों, हमारे समाज को नशे की अँधेरी दलदल में धकेलने का काम कर रहे हैं। जब तक हर सूचना पर एक्शन होगा, तभी यह नेटवर्क कमजोर पड़ेगा। और तभी एक दिन हम सही मायने में “नशामुक्त” कहला सकेंगे।

फिलहाल पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार कर बड़ा झटका दिया है, लेकिन जंग अभी बाकी है। और इस जंग में पुलिस अकेली नहीं है – आम जनता की मदद उनकी सबसे बड़ी ताकत है। साथ मिलकर ही हम इस अभिशाप से मुक्ति पा सकते हैं।

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