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| Photo: by Mohammad Ashfaque Memon |
छत्तीसगढ़ के सिमगा में पानी की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन दूसरी तरफ नगर प्रशासन की लापरवाही से रोज़ लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
सिमगा के वार्ड नंबर 3, आज़ाद चौक स्थित नगर निगम की पानी टंकी, जो पूरे शहर में जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है, उसकी हालत बेहद खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस टंकी का कोई सही प्रबंधन नहीं है।
लापरवाही के कारण गहराया जल संकट, टैंकरों पर निर्भर हो रहे लोग
रात में चालू छोड़ दी जाती है टंकी
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टंकी को रात में चालू कर दिया जाता है और फिर उसे बंद नहीं किया जाता।
> इसके कारण:
- पूरी रात पानी ओवरफ्लो होकर बहता रहता है
- रोज़ाना लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है
- यह समस्या पिछले एक साल से लगातार बनी हुई है
जल संकट के बीच बढ़ी परेशानी
जहां एक ओर पानी की भारी बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सिमगा के कई इलाकों में जल संकट गहरा गया है।
> मौजूदा स्थिति:
- कई जगह बोरवेल पूरी तरह सूख चुके हैं
- लोगों को टैंकरों से पानी लेना पड़ रहा है
- गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है
नगर पालिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका परिषद सिमगा इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रही है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- टंकी की तुरंत मरम्मत कराई जाए
- पानी के सही प्रबंधन के लिए कर्मचारी नियुक्त किए जाएं
- बर्बादी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए
जनता की अपील
नागरिकों का कहना है कि एक तरफ पानी के लिए लोग तरस रहे हैं और दूसरी तरफ प्रशासन की लापरवाही से पानी यूं ही बहाया जा रहा है।
> > यह मामला अब सिर्फ एक तकनीकी खराबी का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और संसाधनों के सही उपयोग का सवाल बन गया है।
रिपोर्ट: रिपोर्टर मोहम्मद अशफ़ाक़ मेमन
कैमरा – स्थानीय सहयोगी के साथ
आज़ाद संवाद न्यूज़, सिमगा

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