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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले का खुलासा हुआ है। अकलतरा थाना क्षेत्र में किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने पंजाब निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े तत्वों के संपर्क में रहकर संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
पुलिस ने गिरफ्तार युवक की पहचान सेवक सिंह (23 वर्ष) निवासी जिला तरनतारन, पंजाब के रूप में की है। आरोपी पिछले कुछ समय से अकलतरा क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ अकलतरा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
किरायेदार सत्यापन के दौरान सामने आया मामला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में चलाए जा रहे किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान सूचना मिली थी कि अकलतरा के मिनीमाता चौक क्षेत्र स्थित एक मकान में बाहरी राज्यों के कई लोग रह रहे हैं। सत्यापन के लिए पहुंची पुलिस टीम ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान सेवक सिंह की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं।
प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने अपने बारे में कई जानकारियां दीं, लेकिन उसके जवाबों में विरोधाभास पाए जाने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जांच के लिए लिया। पुलिस का दावा है कि मोबाइल की प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान, सऊदी अरब सहित कई विदेशी नंबरों से संपर्क के संकेत मिले हैं। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की गई।
मोबाइल से मिले अहम डिजिटल साक्ष्य
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन में व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉलिंग रिकॉर्ड, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल सामग्री मिली है। पुलिस का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि आरोपी पाकिस्तान समर्थित आईएसआई (ISI) से जुड़े तत्वों के संपर्क में था।
मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संपर्कों का उद्देश्य क्या था और किन-किन लोगों से संवाद हुआ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगातार संवाद कर रहा था और छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील स्थानों, वाहनों के नंबर तथा फोटो-वीडियो जैसी जानकारियां साझा कर रहा था।
संवेदनशील जानकारियां साझा करने का आरोप
पुलिस का दावा है कि आरोपी द्वारा छत्तीसगढ़ के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों, व्यक्तियों और अन्य जानकारियों को साझा किए जाने की आशंका है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या कोई संवेदनशील सूचना वास्तव में विदेशों में बैठे लोगों तक पहुंचाई गई थी या नहीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों की एजेंसियों ने कई ऐसे मॉड्यूल का खुलासा किया है, जिनमें डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सूचनाएं एकत्र करने और साझा करने की कोशिश की गई थी। पंजाब सहित कई राज्यों में भी ISI समर्थित कथित जासूसी नेटवर्क पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके हैं।
हथियार उपलब्ध कराने की साजिश की भी जांच
पुलिस जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ऐसे लोगों के संपर्क में था जो उसे भविष्य में हथियार उपलब्ध कराने की योजना बना रहे थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी जांच जारी है और उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य एजेंसियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांचकर्ताओं का मानना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्यों, विदेशी संपर्कों और बैंकिंग गतिविधियों सहित कई पहलुओं की जांच आवश्यक है। इसलिए केंद्रीय एजेंसियों से भी तकनीकी सहयोग लिया जा सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा प्रतीत होता है। इसलिए जांच को अत्यंत गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या अकेले काम कर रहा था।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही उसके संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
(नोट: पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।)
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