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राजनांदगांव। चाट-गुपचुप की छोटी सी बात ने शहर के एक इलाके में इस कदर विवाद का रूप ले लिया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। तुलसीपुर स्थित बख्तावर चाल क्षेत्र में बाहरी विक्रेताओं के खिलाफ कुछ युवकों ने विरोध किया और मामला झगड़े तक जा पहुंचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत जेल भेज दिया।
चाट-गुपचुप की बात पर भड़के युवक
21 जून 2026 को बख्तावर चाल, तुलसीपुर क्षेत्र में कुछ युवकों ने बाहरी क्षेत्र से आए चाट-गुपचुप विक्रेताओं से विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि युवकों ने विक्रेताओं से कहा कि वे उनके मोहल्ले में आकर कारोबार नहीं कर सकते। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने पर भी युवकों का रवैया नहीं बदला और विवाद बढ़ता गया।
पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौके पर पहुंचने के बाद भी आरोपी युवक उग्र बने रहे। उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देने और आपसी सुलह की सलाह देने के बावजूद वे शांत नहीं हुए। गाली-गलौज और मारपीट की आशंका बढ़ती देख पुलिस ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
स्थानीय लोगों की मौजूदगी के बावजूद हालात बिगड़ते देख पुलिस ने विवाद में सक्रिय तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन युवकों को भेजा गया जेल
गिरफ्तार युवकों की पहचान मिथलेश उर्फ मयंक ठाकुर (24 वर्ष), उत्तम साहू (22 वर्ष) और नितिन भागवत (22 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों अलग-अलग मोहल्लों के निवासी हैं और विवाद के दौरान सक्रिय भूमिका में थे।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत मामला दर्ज किया, साथ ही धारा 126 और 135(3) के तहत भी कार्रवाई की। उन्हें कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस का सख्त संदेश
राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर विवाद, झगड़ा या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा कि अगर किसी को किसी भी प्रकार की शिकायत है तो उसे कानूनी माध्यम से सुलझाना चाहिए, न कि हंगामा करके। इसके अलावा, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध गतिविधियों पर नज़र रखने और शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों से सहयोग की भी अपील की गई।
शहर में शांति व्यवस्था के लिए विशेष अभियान
गौरतलब है कि राजनांदगांव पुलिस शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसके तहत भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई से न केवल कानून व्यवस्था बहाल होती है, बल्कि भविष्य में किसी भी असामाजिक तत्व को सार्वजनिक शांति भंग करने की हिम्मत नहीं होती।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक उपेंद्र शाह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक नंदनी ठाकुर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अरुण बंजारे, उपासना साहू तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रण में किया।
छोटी सी बात, बड़ा अनर्थ
चाट-गुपचुप बेचने की बात पर हुए इस विवाद ने यह साबित कर दिया कि कैसे एक छोटी सी बात कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को बिगड़ने से रोका और दोषियों को कानून के दायरे में लाया। अब जरूरत है कि आम नागरिक भी इस घटना से सीख लें और किसी भी विवाद को बढ़ाने की बजाय कानूनी रास्ते पर चलें। क्योंकि हर छोटी सी बात पर उग्र होना, न तो समस्या का हल है और न ही किसी सभ्य समाज की पहचान। पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से एक चेतावनी है – कानून अपना काम करेगा, चाहे विवाद कितना भी छोटा क्यों न हो।
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