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राजनांदगांव। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच जिले की पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। घुमका थाना पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से एक युवती के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उसके निजी और अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा था। आरोपी लंबे समय से युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
युवती ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता ने घुमका थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसके नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर निजी तस्वीरें, वीडियो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री साझा कर रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी कथित रूप से उसकी निजी जानकारी और मोबाइल नंबर भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर रहा था।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इस हरकत से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही थी और उसे लगातार मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
साइबर ट्रैकिंग से मिला सुराग
महिला से जुड़े मामले को देखते हुए इसकी जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। अनुविभागीय पुलिस अधिकारी डोंगरगांव मंजूलता बाज के पर्यवेक्षण में घुमका थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों, मोबाइल नेटवर्क और डिजिटल लोकेशन का विश्लेषण किया। लगातार निगरानी के बाद आरोपी की मोबाइल लोकेशन राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के आसपास मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टेशन परिसर में घेराबंदी की और संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में स्वीकार किया अपराध
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी से विस्तृत पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में उसने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर फोटो और वीडियो वायरल करने की बात स्वीकार कर ली।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर पीड़िता की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने सामग्री किन-किन प्लेटफॉर्मों पर साझा की और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
बढ़ रहे हैं साइबर उत्पीड़न के मामले
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर उत्पीड़न और ऑनलाइन बदनामी के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। फर्जी प्रोफाइल बनाकर किसी व्यक्ति की निजी जानकारी, तस्वीरें या वीडियो साझा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
महिलाओं से जुड़े मामलों में ऐसे अपराधों का मानसिक और सामाजिक प्रभाव अधिक होता है। इसी वजह से पुलिस और साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते समय सतर्कता बरतें। यदि किसी व्यक्ति के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती है या ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, तो तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
आरोपी को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी मारपल्ली राकेश (27 वर्ष, निवासी अलीपुर, संगारेड्डी, तेलंगाना) को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत के निर्देश पर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने की जरूरत
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, लेकिन इससे बड़ा सवाल यह है कि क्या हम अपने बच्चों को सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल के लिए पर्याप्त रूप से तैयार कर पा रहे हैं? फिलहाल, पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है – सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब जरूरत है कि पीड़ित भी बिना किसी डर के आगे आएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ऐसे अपराधियों को सबक सिखाया जा सके।
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