Avenger AVG-30HD: भारतीय नौसेना को मिला स्वदेशी ‘स्मार्ट निगरानी सिस्टम’, अब विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम


पहली बार पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित EO/IR गिम्बल सिस्टम, AI और 360° निगरानी जैसी आधुनिक क्षमताओं से लैस


भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लंबे समय तक विदेशी सिस्टम पर निर्भर रहने के बाद अब भारतीय नौसेना के जहाजों पर स्वदेशी रूप से विकसित Avenger AVG-30HD सिस्टम लगाया जा रहा है। यह अत्याधुनिक Electro-Optical/Infrared (EO/IR) गिम्बल सिस्टम न केवल निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा।

अब तक भारतीय नौसेना को इस तरह के हाई-टेक निगरानी सिस्टम विदेशों से आयात करने पड़ते थे। लेकिन Avenger AVG-30HD के आने से यह निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। खास बात यह है कि यह सिस्टम केवल भारत में असेंबल नहीं किया गया, बल्कि इसे यहीं डिजाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर किया गया है।

इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी उन्नत स्टेबलाइजेशन तकनीक है। इसमें FOG (फाइबर ऑप्टिक जाइरो) आधारित मैकेनिज्म का उपयोग किया गया है, जिससे समुद्र में जहाज के हिलने-डुलने के बावजूद कैमरा पूरी तरह स्थिर रहता है। इसका मतलब है कि कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी साफ और सटीक इमेज मिलती है।

Avenger AVG-30HD में हाई-डेफिनिशन थर्मल इमेजिंग की सुविधा भी दी गई है। यह फीचर रात के समय, धुंध या खराब मौसम में भी दुश्मन या संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में सक्षम बनाता है। इस तकनीक की मदद से सुरक्षा बलों को हर परिस्थिति में बेहतर विजन मिलता है, जो मिशन की सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है।

एक और अहम विशेषता इसका हल्का और कॉम्पैक्ट डिजाइन है। यह सिस्टम 10 किलोग्राम से भी कम वजन का है, जिससे इसे छोटे जहाजों और ड्रोन जैसे प्लेटफॉर्म पर भी आसानी से लगाया जा सकता है। इससे इसकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

इसमें 360 डिग्री रियल-टाइम सिचुएशनल अवेयरनेस की क्षमता भी शामिल है। इसके लिए इसमें स्टेयरिंग-एरे पैनोरमिक इमेजर लगाया गया है, जो आसपास के पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखता है। यानी किसी भी दिशा से आने वाले खतरे का तुरंत पता लगाया जा सकता है।

तकनीकी रूप से यह सिस्टम केवल एक कैमरा नहीं, बल्कि एक पूरा EO/IRST (इन्फ्रारेड सर्च एंड ट्रैक) पैकेज है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया गया है, जो अपने आप टारगेट की पहचान और ट्रैकिंग में मदद करता है। इससे ऑपरेशन की गति और सटीकता दोनों बढ़ जाती हैं।

Avenger AVG-30HD का उपयोग केवल युद्धपोतों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे तटीय सुरक्षा, एंटी-पाइरेसी मिशन और अनमैन्ड सिस्टम्स जैसे ड्रोन में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम भारत के “मेक इन इंडिया” अभियान को भी नई मजबूती देगा। स्वदेशी तकनीक विकसित होने से न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि भविष्य में अपग्रेड और मेंटेनेंस भी आसान होगा।

कुल मिलाकर Avenger AVG-30HD को भारतीय नौसेना के लिए एक “गेम चेंजर” माना जा रहा है। यह सिस्टम न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि भारत की रणनीतिक ताकत को भी बढ़ाता है। आने वाले समय में ऐसे और स्वदेशी सिस्टम विकसित होने की उम्मीद है, जो देश को रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना सकते हैं।

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