उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका? 9 में से 7 सांसद छोड़ सकते हैं साथ, शिवसेना स्थापना दिवस से पहले हलचल तेज


 

सूत्रों का दावा—बागी सांसद बना सकते हैं अलग गुट, शिंदे गुट में विलय की तैयारी; दो सांसद दिल्ली पहुंचे, बाकी आज पहुंचेंगे


मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 7 सांसद बगावत कर सकते हैं।

बताया जा रहा है कि ये संभावित बागी सांसद अलग गुट बनाकर बाद में शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पार्टी अपना स्थापना दिवस मनाने की तैयारी में है।

दिल्ली में बढ़ी हलचल

सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के दो सांसद पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि पांच अन्य सांसद आज रात तक राजधानी पहुंच सकते हैं। दिल्ली में इन नेताओं की मौजूदगी ने सियासी हलकों में अटकलों को और तेज कर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ सामान्य बैठक नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक फैसले की तैयारी हो सकती है।

अलग गुट बनाने की तैयारी?

खबरों के अनुसार, ये सात सांसद पहले अलग संसदीय गुट बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसके बाद वे आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में विलय कर सकते हैं।

अगर ऐसा होता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका साबित होगा। इससे पहले भी पार्टी में बड़ी टूट हो चुकी है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कई विधायक अलग हो गए थे।

स्थापना दिवस से पहले झटका

शिवसेना के स्थापना दिवस से ठीक पहले इस तरह की खबरें सामने आना पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। यह दिन आमतौर पर पार्टी के शक्ति प्रदर्शन और संगठनात्मक मजबूती के लिए अहम माना जाता है।

लेकिन इस बार संभावित बगावत की खबरों ने पूरे कार्यक्रम पर साया डाल दिया है।

क्या हैं संभावित कारण?

हालांकि, अभी तक बागी सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि संगठन में असंतोष, नेतृत्व को लेकर मतभेद और राजनीतिक भविष्य की चिंता इसके पीछे मुख्य कारण हो सकते हैं।

कुछ सांसदों को लगता है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में शिंदे गुट के साथ जाना उनके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

विपक्ष की नजर

इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों की भी नजर बनी हुई है। अगर यह टूट होती है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में समीकरण बदल सकते हैं। साथ ही, लोकसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम राष्ट्रीय स्तर पर भी असर डाल सकता है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल, इस पूरे मामले में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। न ही उद्धव ठाकरे गुट और न ही शिंदे गुट ने इस पर खुलकर कोई बयान दिया है।

लेकिन जिस तरह से दिल्ली में हलचल तेज हुई है, उससे यह साफ है कि आने वाले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।


कुल मिलाकर, अगर 9 में से 7 सांसदों के टूटने की खबर सच साबित होती है, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के लिए बड़ा झटका होगा और शिवसेना की राजनीति में एक और बड़ा मोड़ आ सकता है।

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