सक्ती (छत्तीसगढ़):
सक्ती जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र के सेंदुरस गांव में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर और लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों के साथ लूट का माल खरीदने वाले एक सराफा व्यापारी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी वर्ष 2024 में मुक्ता गांव में हुए एक अन्य डबल मर्डर केस में भी शामिल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 2 और 3 जून 2026 की दरमियानी रात सेंदुरस गांव में घर के बरामदे में सो रहे पुरुषोत्तम खुंटे और उनकी पत्नी गुहारिन बाई खुंटे की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद घर से सोने के आभूषण, नकदी और मोबाइल फोन गायब मिले थे, जिससे लूट की आशंका जताई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। जांच में साइबर सेल, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम को भी लगाया गया। मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल और सीईआईआर पोर्टल की मदद से पुलिस आरोपी देवकुमार यादव तक पहुंची, जिसके पास से मृतक का मोबाइल बरामद हुआ।
पूछताछ में देवकुमार यादव ने अपने साथी रूपचरण यादव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना कबूल किया। दोनों आरोपी पंडरीपानी गांव के निवासी हैं। आरोपियों ने बताया कि मोटरसाइकिल खड़ी करने को लेकर मृतक से उनका विवाद हुआ था, जिसके चलते उन्होंने रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने स्केल पट्टी से दरवाजा खोलकर घर में प्रवेश किया और सो रहे दंपती के सिर और चेहरे पर लोहे की रॉड से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद आभूषण, नकदी और मोबाइल लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, खून से सने कपड़े, 74 हजार रुपये नकद और अन्य सामान बरामद किया। लूटे गए आभूषण जैजैपुर के एक सराफा व्यापारी बाबूलाल साहू को बेचे गए थे, जिसे भी गिरफ्तार कर आभूषण बरामद कर लिए गए हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दोनों मुख्य आरोपियों ने जून 2024 में मुक्ता गांव में एक अन्य दंपती की हत्या कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस बड़ी सफलता पर बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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