राजनांदगांव: ओवरटेक के विवाद में युवक पर चाकू से हमला, पुलिस ने 24 घंटे में दो आरोपियों को दबोचा

Photo: FB/Vikalp Shrivastav


राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) | 2 जून 2026

बोरतलाव थाना क्षेत्र में ओवरटेक को लेकर हुए एक मामूली विवाद ने इतना खतरनाक रूप ले लिया कि एक युवक की जान ही बाल-बाल बची। आरोपियों ने युवक पर धारदार चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूरा मामला क्या है?

घटना 31 मई की रात की है। ओमप्रकाश चंद्रवंशी (जो डोंगरगढ़ के टिकरापारा का रहने वाला है) अपने साथियों के साथ महाराष्ट्र के दर्रेकसा में एक कार्यक्रम से लौट रहा था। रात करीब 9 बजे, जब वह लोग बोरतलाव फॉरेस्ट बैरियर के पास पहुंचे, तभी दो बाइक सवार युवकों से ओवरटेक को लेकर उनकी बहस हो गई।

बात बढ़ी और आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। करीब 50 मिनट बाद, रात 9:50 बजे के आसपास, जब ओमप्रकाश और उसके साथी लाल कटिंग रोड स्थित एक फार्म हाउस के पास पहुंचे, तो आरोपियों ने उनकी बाइक रुकवा ली। इसके बाद उन्होंने ओमप्रकाश पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में उसके पेट के बाएं हिस्से में गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गया।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

घटना के बाद पीड़ित की ओर से रामलाल चंद्रवंशी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी केशरी नंदन नायक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम बागरेकसा में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

दोनों आरोपी बोरतलाव थाना क्षेत्र के ही ग्राम छिन्दीजोब के रहने वाले हैं:

  • नीरज कुमार पार्टे (21 वर्ष)

  • करण कुमार चंद्रवंशी

पुलिस ने आरोपियों के पास से हमले में इस्तेमाल की गई एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (सीजी 08 एजी 1209), एक धारदार चाकू और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

अब आगे क्या?

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेज दिया है। मामले में अपराध क्रमांक 40/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है।

निष्कर्ष

यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक छोटी-सी सड़क विवाद की स्थिति भी जानलेवा अपराध में बदल सकती है। राजनांदगांव पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीम में सउनि गोकुल सोनकर, आरक्षक नितिन यादव, गौतम, मणिशंकर और टीकाराम की सराहनीय भूमिका रही।

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