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| Photo: PTI |
तारातला इलाके में राहत-बचाव अभियान जारी, सेना और कई एजेंसियां युद्ध स्तर पर जुटीं
कोलकाता। दक्षिण कोलकाता के तारातला इलाके में वेयरहाउस की छत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को दो और शव मलबे से निकाले गए, जबकि अस्पताल में इलाज के दौरान दो घायलों ने दम तोड़ दिया।
लगातार जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के दो दिन बाद भी बचाव दल मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। सेना के जवानों, कोलकाता पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से गहन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार देर रात मलबे से दो शव बरामद किए गए, हालांकि उनकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है।
अस्पताल में तोड़ा दम
शुक्रवार सुबह सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती दो मजदूरों—मन्नू कुमार और साहिल सरदार—की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 15 पहुंच गई है।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के मुंगेर जिले के 19 वर्षीय मन्नू कुमार को 24 जून को मलबे से जिंदा निकाला गया था। गुरुवार रात उनकी सर्जरी भी की गई थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद शुक्रवार तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने एक ही परिवार को गहरा सदमा दिया है। मन्नू कुमार के भाई की पहले ही इस दुर्घटना में मौत हो चुकी है, जबकि उनके पिता अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
घायलों का इलाज जारी
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल 18 घायल एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।
मलबे में फंसे हो सकते हैं और लोग
बचाव अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मलबे के नीचे अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया गया है।
एक अधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता हर संभव जीवित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीमें लगातार काम कर रही हैं।”
चुनौतीपूर्ण हालात में काम
बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया जा रहा है। इमारत का ढांचा अभी भी अस्थिर है, जिससे किसी भी समय और हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
अधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू टीम के जवान पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की अतिरिक्त दुर्घटना से बचा जा सके।
युद्ध स्तर पर चल रहा अभियान
कोलकाता पुलिस, सेना और राज्य आपदा प्रबंधन समूह की टीमें बुधवार से लगातार 24 घंटे काम कर रही हैं। मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने के लिए लोहे के भारी बीम काटे जा रहे हैं और कंक्रीट के बड़े स्लैब हटाए जा रहे हैं।
कब तक चलेगा ऑपरेशन?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक मलबे के हर हिस्से की पूरी तरह तलाशी नहीं ली जाती। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति मलबे में फंसा न रह जाए।
कुल मिलाकर, कोलकाता का यह वेयरहाउस हादसा एक बड़ी त्रासदी के रूप में सामने आया है, जिसमें लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजरें बचाव कार्य पर टिकी हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

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