कुसमुंडा में 12 जून को मजदूरों और भू-विस्थापितों की बड़ी महासभा, अधिकारों को लेकर होगी निर्णायक आवाज

AI generated

 ठेका मजदूरों की समस्याओं को उठाने और एकजुटता बढ़ाने की तैयारी तेज, आरसीडब्ल्यूएफ ने बनाई रणनीति

कोरबा/छत्तीसगढ़:
कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में 12 जून को ठेका मजदूरों और भू-विस्थापितों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी महासभा आयोजित की जाएगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मजदूरों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को एक मंच पर लाना और उनके हक की लड़ाई को मजबूत करना है।

राष्ट्रीय कौलरी वर्कर्स फेडरेशन (आरसीडब्ल्यूएफ) के आह्वान पर होने वाली इस महासभा की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कोयला खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ठेका मजदूरों तथा भू-विस्थापितों को लंबे समय से रोजगार, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के मुद्दों पर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा उनके अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

आयोजकों के अनुसार, महासभा का मुख्य उद्देश्य सभी प्रभावित लोगों को एकजुट कर उनकी आवाज को बुलंद करना है, ताकि उनके अधिकारों की लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस दौरान भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।

बैठक में कई प्रमुख कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजकों ने कुसमुंडा और आसपास के क्षेत्रों के मजदूरों एवं भू-विस्थापित परिवारों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में महासभा में शामिल होकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें।

Post a Comment

0 Comments