रायपुर: शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में IPL 2026 का यह मुकाबला जैसे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। विराट कोहली – जो पिछले दो मैचों में लगातार गोल्डन डक (शून्य पर आउट) से बाहर हुए थे – आज उसी आग में जलकर निकले। उन्होंने ऐसा धमाकेदार शतक लगाया कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के गेंदबाजों के होश उड़ गए। पहले बल्लेबाजी करते हुए KKR ने अंगक्रिश रघुवंशी के 71 रन के दम पर 192/4 बनाया, लेकिन RCB ने विराट (शतक) की मदद से 19.1 ओवर में ही यह लक्ष्य पार कर लिया। RCB ने मैच 6 विकेट से जीता, और विराट ने सारी आलोचनाओं का जवाब दे डाला।
KKR की पहली पारी: रघुवंशी का दम, रिंकू ने अंत में चटकाई आतिशबाजीटॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरे कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत कप्तान अजिंक्य रहाणे (19 रन) के रूप में जल्दी खत्म हो गई। जोश हेजलवुड ने उन्हें चलता कर दिया, लेकिन इसके बाद जो आया वो देखते ही बनता था।
अंगक्रिश रघुवंशी ने क्रीज पर आते ही RCB के गेंदबाजों को नोचना शुरू कर दिया। रघुवंशी की बल्लेबाजी में एक अलग ही आत्मविश्वास था। वह छोटी-सी उम्र में बड़े खिलाड़ियों को सबक सिखा रहे थे। उन्होंने मात्र 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। उनके पीछे कैमरन ग्रीन ने भी रन बनाए, और फिर आए रिंकू सिंह।
रिंकू ने अंतिम ओवरों में जैसे बारिश कर दी। चौके-छक्कों की बारिश। उन्होंने 192 का स्कोर खड़ा कर दिया, जो एक बड़े लक्ष्य जैसा था। हालाँकि RCB के गेंदबाजों ने अंत में वापसी कर ली, लेकिन तब तक KKR ने RCB के सामने 192 रन का पहाड़ रख दिया था।
हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने शुरुआत में तो अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन बीच में उनके हाथ फूट गए। यह भी बता दें – इसी मैच के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने IPL में एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। लेकिन पूरी पारी के अंत में KKR की तरफ जश्न ही जश्न था – क्योंकि 190+ का लक्ष्य छोटा नहीं होता।
RCB का रन चेज़: विराट का दूसरा अवतार, जैसे उतरे देवता!
193 रन का लक्ष्य। दबाव तगड़ा। RCB के लिए या तो जीतो या प्लेऑफ से बाहर। लेकिन जब विराट कोहली ने क्रीज पर कदम रखा, तो पता चल गया – आज कुछ अलग होने वाला है।
पिछले दो मैचों में शून्य पर आउट होने का दंश उनकी आंखों में था। वह जैसे कुछ साबित करने उतरे थे – खुद को, आलोचकों को और पूरी दुनिया को। उन्होंने ऐसी आक्रामकता दिखाई कि KKR के गेंदबाज हक्के-बक्के रह गए।
पहले तो जैकब बेथेल ने विराट का साथ दिया। दोनों ने पावरप्ले में ही KKR की नींव हिला दी। लेकिन फिर बेथेल आउट हुए और तब आए देवदत्त पडिक्कल। पडिक्कल ने विराट को पूरा सपोर्ट दिया। पर असली ट्विस्ट तब आया, जब KKR ने विराट का कैच छोड़ा। उनके गेंदबाजों के हाथ फिसले और विराट ने उसी के बाद जैसे उन पर आग बरसानी शुरू कर दी।
32 गेंदों में उन्होंने अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद तो और तेज हो गए। पूरे स्टेडियम में 'विराट... विराट...' के नारे थे। RCB के फैंस, जो पिछले दो मैचों में मायूस थे, आज पागल हो रहे थे।
अंतिम ओवरों में विराट ने शतक पूरा किया। यह आईपीएल में उनका सबसे यादगार शतक था। उन्होंने इस पारी के दौरान 400+ रन वाले सबसे ज्यादा सीजन का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया – यानी एक और उपलब्धि। स्टेडियम में RCB के फैंस मानो रो रहे थे – खुशी के आंसू।
मैच का टर्निंग पॉइंट
आप पूछें तो इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था – KKR का वह छोड़ा हुआ कैच। जब विराट छोटा था, अगर उस समय आउट हो गए होते, तो शायद RCB बिखर जाती। लेकिन इसके बाद तो विराट ने जैसे पूरे मैदान में आग लगा दी। दूसरा टर्निंग पॉइंट रहा – विराट और पडिक्कल के बीच हुई अंतिम साझेदारी, जिसने मैच को पूरी तरह RCB की झोली में डाल दिया।
सीख और आगे की राह
विराट कोहली ने दिखा दिया – फॉर्म अस्थायी है, क्लास स्थायी होती है। उनके पास तमाम आलोचकों को चुप कराने का सबसे ताकतवर हथियार है – उनका बल्ला। यह शतक सिर्फ रनों का नहीं, बल्कि एक किंग की वापसी का है।
Kolkata Knight Riders के लिए यह हार बिल्कुल भयानक है। उन्होंने 192 रन बनाकर ऐसी लड़ाई लड़ी, लेकिन गेंदबाजी में एक कैच छूटने की कीमत उन्हें पूरा मैच खोकर चुकानी पड़ी। अब KKR की प्लेऑफ उम्मीदें बहुत धुंधली हो गई हैं।


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