Fact Check: क्या बिहार में दो IAS अधिकारियों का निलंबन टेंडर माफिया से जुड़ा है? तथ्यों की पड़ताल, आरोपों की सच्चाई

 



पटना | 31 मई 2026

बिहार सरकार द्वारा दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों — अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर — को निलंबित किए जाने की खबर ने प्रशासनिक हलकों में खूब चर्चा पैदा कर दी है। दावा है कि यह कार्रवाई एक ठेकेदार और टेंडर नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति ‘रिशु श्री’ से उनके कथित संबंधों के चलते हुई है। आइए, इस पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल करते हैं और जानते हैं कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।

तथ्य जांच का निष्कर्ष: दावा सही (सत्यापित)

हां, बिहार सरकार ने दोनों IAS अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जांच एजेंसियों (ED और SVU) की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ये अभी आरोप हैं, अंतिम दोषसिद्धि या निर्दोषिता न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।

मामला क्या है?

बिहार सरकार ने स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की रिपोर्ट के आधार पर 2014 बैच की IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के IAS योगेश कुमार सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया .

यह कार्रवाई उस समय हुई जब SVU ने एक चर्चित ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री को गिरफ्तार किया। उसके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत मिले, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई . रिशु श्री पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले से ही मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर घोटाले की जांच कर रहा था .

कौन हैं रिशु श्री?

रिशु श्री बिहार के एक ताकतवर ठेकेदार और सरगना हैं। ED की जांच में उस पर 265 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति बनाने का आरोप है . वह सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर, अपनी मर्जी की कंपनियों को टेंडर दिलवाता था और इसके बदले भारी कमीशन लेता था .

आरोप क्या हैं? (जांच एजेंसियों के दावे)

जांच एजेंसियों के मुताबिक, रिशु श्री ने दोनों अधिकारियों को ‘अवैध लाभ’ पहुंचाया :

  • IAS योगेश कुमार सागर पर आरोप: जब वह बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (BUIDCO) के प्रबंध निदेशक थे, तब उन्होंने और उनके परिवार के 8 सदस्यों ने 22 जून से 30 जून 2024 के बीच ऑस्ट्रिया (वियना, साल्जबर्ग) की यात्रा की . इस यात्रा का कुल खर्च लगभग ₹21.92 लाख आया, जिसे रिशु श्री ने उठाया .

  • IAS अभिलाषा शर्मा पर आरोप: उन पर लगभग 9 लाख रुपये का अपने घर की छत पर गार्डन बनवाने का खर्च रिशु श्री से उठाने का आरोप है . इसके अलावा, उनके परिवार के सदस्यों की गोवा, दिल्ली और हैदराबाद की यात्रा का खर्च और महंगे iPhones जैसे उपहार लेने के भी आरोप हैं .

आरोपी अधिकारी कौन हैं?

अधिकारीबैचनिलंबन के समय पदमूल विवरण
अभिलाषा शर्मा2014जीविका (Jeevika) की CEO और ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त CEOपश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की डिग्री, पूर्व में सीतामढ़ी की DM रह चुकी हैं .
योगेश कुमार सागर2017समाज कल्याण विभाग में संयुक्त सचिवमूल रूप से बरेली (UP) के रहने वाले हैं। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से MBBS की डिग्री हासिल की है .

कार्रवाई की प्रक्रिया और आगे क्या?

ED ने अपनी जांच के बाद SVU को इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की . SVU ने रिशु श्री को गिरफ्तार करने के बाद मिले सबूतों के आधार पर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद सरकार ने यह निलंबन आदेश जारी किया .

अब आगे की जांच जारी है। SVU और ED इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं। इस मामले में अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है, जिनकी जांच की जा रही है .

तो आखिर सच क्या है?

  • सही तथ्य यह है कि दोनों IAS अधिकारियों का निलंबन हुआ है और यह कार्रवाई सीधे तौर पर टेंडर माफिया रिशु श्री के नेटवर्क से जुड़ी हुई है।

  • लेकिन इतना भी याद रखना ज़रूरी है कि अभी ये सब आरोप हैं, जो जांच एजेंसियों ने अपनी जांच में सामने रखे हैं। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन आरोपों की पुष्टि या खंडन होगा।

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