![]() |
| Used for news/editorial purposes only | Copyright infringement is not intended |
भारतीय सेना का एक विशेष दल कंबोडिया पहुँच चुका है। वजह है – दोनों देशों के बीच दूसरा संयुक्त सैन्य अभ्यास CINBAX।
यह अभ्यास 4 मई से 17 मई 2026 तक चलेगा, यानी करीब दो हफ्ते। जगह है – कंबोडिया के कंम्पोंग स्प्यू प्रांत में स्थित कैंप बेसिल। यह वही जगह है जहाँ कंबोडियाई वायुसेना का ट्रेनिंग सेंटर है।
CINBAX क्या है – चलो नाम समझते हैं
CINBAX नाम का मतलब है – Cambodia–India Bilateral Exercise
यानी भारत और कंबोडिया के बीच होने वाला एक नियमित सैन्य अभ्यास, जहाँ दोनों देशों की सेनाएँ मिलकर प्रशिक्षण लेती हैं।
इस बार CINBAX का दूसरा संस्करण चल रहा है।
क्या उद्देश्य है इस अभ्यास का?
बस यूँ ही थोड़े ही सेनाएँ एक साथ अभ्यास करने बैठ जाती हैं। इसके पीछे काफी ठोस वजहें हैं:
दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना
आतंकवाद से निपटने के तरीके सीखना और सिखाना
एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना
भविष्य में कभी साथ काम करने की नौबत आए, तो अच्छे से कर सकें
कहाँ और कैसे हो रहा है ये अभ्यास?
जगह: कैंप बेसिल, कंम्पोंग स्प्यू प्रांत, कंबोडिया
समय: 4 से 17 मई 2026
भाग लेने वाले: भारतीय सेना (Indian Army) और कंबोडियाई शाही सेना (Royal Cambodian Army)
यह कैंप बेसिल कंबोडियाई वायुसेना का एक आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर है, जहाँ बेहतरीन सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस बार किस चीज़ पर खास फोकस है?
हर साल थोड़ा बदलाव होता है। इस बार CINBAX में मुख्य जोर इन चीज़ों पर है:
शहरी इलाकों में ऑपरेशन (यानी घनी बस्तियों में लड़ाई)
जंगलों में छिपकर ऑपरेशन करना
संयुक्त रणनीति बनाना (दोनों सेनाएँ मिलकर योजना बनाएँ)
शांति अभियानों (Peacekeeping) की ट्रेनिंग
और आपदा राहत कार्यों (जैसे भूकंप, बाढ़) में सहयोग
यानी भविष्य में अगर कभी कंबोडिया के साथ मिलकर कोई मिशन करना पड़ा, तो हमारे जवान बिना किसी अटके काम कर सकेंगे।
ये अभ्यास क्यों इतना अहम है?
देखिए, सिर्फ दो हफ्ते का प्रशिक्षण भर नहीं है यह। इसके बहुत बड़े मायने हैं:
यह भारत और कंबोडिया के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का प्रतीक है
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत को मज़बूत पार्टनर मिल रहा है
यह भारत की "एक्ट ईस्ट पॉलिसी" (Act East Policy) को भी ताकत देता है – यानी पूर्वी देशों के साथ हमारे संबंध और मज़बूत हो रहे हैं
निष्कर्ष – सिर्फ अभ्यास नहीं, भरोसे की डोर
दोस्तों, CINBAX सिर्फ एक सैन्य अभ्यास का नाम नहीं है। यह दोनों देशों के बीच भरोसे, दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।
जब दो सेनाएँ एक साथ पसीना बहाती हैं, तो वे सिर्फ लड़ना नहीं सीखतीं – बल्कि एक-दूसरे पर भरोसा करना भी सीखती हैं।
और भारत जैसा देश, जो दुनिया में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाना चाहता है, उसके लिए ऐसे अभ्यास बहुत बड़े कदम हैं।
आने वाले सालों में ऐसे और अभ्यास होंगे, और भारत की वैश्विक सैन्य उपस्थिति और मजबूत होगी – यह तो तय है।

0 Comments