मणिपुर में असम राइफल्स का बड़ा एक्शन – ढेर सारे हथियार बरामद

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मणिपुर के फेरजॉल जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। असम राइफल्स ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक गुप्त सूचना पर रेड डाली – और जमकर हथियार बरामद किए।

यह ऑपरेशन 1 मई 2026 को नगामपानुंग और फुलपुई के बीच के इलाके में चलाया गया था।

बरामदगी में क्या-क्या निकला?

जब सुरक्षा बलों ने उस इलाके को खंगाला, तो एक के बाद एक हथियार बरामद होते चले गए। देखिए क्या-क्या मिला:

  • 7 देसी सिंगल बैरल गन (यानी देशी कट्टे जैसे हथियार)

  • 1 पिस्टल

  • 1 .303 राइफल (उसके साथ मैगजीन भी)

  • 2 पोम्पी (यह स्थानीय स्तर पर बने देसी हथियार होते हैं)

  • 32 पोम्पी बम

  • 51 मोर्टार राउंड (यानि छोटे तोप के गोले जैसा विस्फोटक)

  • 1 Motorola कम्युनिकेशन सेट (चार्जर के साथ)

बस इतना ही नहीं, और भी बहुत कुछ था। मगर इतना समझ लीजिए – जितना सामान मिला, उससे कोई पूरा गिरोह हथियारबंद हो सकता था।

लेकिन हाँ – सबसे बड़ी बात यह रही कि इस ऑपरेशन में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। मतलब हथियार तो मिल गए, लेकिन हाथ रखने वाले लोग फरार हो गए।

ये बरामदगी इतनी अहम क्यों है?

अब ये सवाल आपके मन में आएगा – हर रोज़ तो हथियार मिलते होंगे, इसमें खास क्या है?

तो बात ये है कि 3 मई को मणिपुर के सालाना संघर्ष की वर्षगांठ है। इस तारीख को पहले भी बहुत बार अशांति और हिंसा देखने को मिली है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही हाई अलर्ट पर रहती हैं।

अधिकारियों का कहना है कि ये हथियार:

  • NH-37 (जो बहुत अहम नेशनल हाईवे है) और आसपास के इलाकों में अशांति फैलाने के लिए लाए गए थे।

  • अगर ये समय पर न मिलते, तो बड़ी घटना हो सकती थी।

  • समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा खतरा टल गया।

सुरक्षा बलों की तत्परता – सलाम है

इस ऑपरेशन से एक बार फिर साफ हो गया है कि असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस कितनी सक्रियता से काम कर रही है।

  • लगातार इंटेलिजेंस ऑपरेशन चल रहे हैं।

  • सर्च अभियानों को बिना बताए, किसी भी समय अंजाम दिया जा रहा है।

यानी चाहे दिन हो या रात, सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।

निष्कर्ष – संवेदनशील इलाके में बड़ी सफलता

मणिपुर जैसी जगह, जहां हालात कभी भी तनावपूर्ण हो जाते हैं, वहाँ हथियारों की ये बरामदगी बहुत मायने रखती है।

>भले ही कोई गिरफ्तार नहीं हुआ, लेकिन जो हथियार सड़कों पर आने वाले थे, वे अब सुरक्षित बलों के पास हैं।

यानी कोई बड़ी योजना बन भी रही थी, तो वह बिफर गई। और यह अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है।

आने वाले दिनों में और भी सर्च ऑपरेशन देखने को मिल सकते हैं। हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ हर परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं।

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