CGPSC परीक्षा फिर विवादों में, हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस

 

Photo: Hoghcourt.cg.gov.in

CGPSC ने 5 दिनों में जारी किया रिजल्ट: अभ्यर्थियों में आक्रोश, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

एक बार फिर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला कोर्ट मैनेजर भर्ती परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर है। आयोग ने मुख्य परीक्षा का परिणाम महज 5 से 7 दिनों के भीतर जारी कर दिया, जिसके बाद से ही अभ्यर्थियों में हड़कंप मचा हुआ है.

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और आयोग से स्पष्ट जवाब मांगा है.

पूरा मामला क्या है?

दरअसल, 19 अप्रैल 2026 को आयोग ने कोर्ट मैनेजर पदों के लिए मुख्य परीक्षा आयोजित की थी . परीक्षा के बाद 27 अप्रैल 2026 को आयोग ने परिणाम जारी कर दिया .

अभ्यर्थियों का आरोप है कि हज़ारों उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इतनी कम अवधि संदिग्ध और अव्यवहारिक है. वे यह दावा भी कर रहे हैं कि लगभग खाली उत्तर पुस्तिकाओं वाले उम्मीदवारों को भी सफल घोषित कर दिया गया है .

यह पहली बार नहीं है जब CGPSC पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हों. पिछले साल भी 2020-21 की भर्तियों में गड़बड़ी के मामले में आयोग के तत्कालीन सचिव और परीक्षा नियंत्रक को CBI ने गिरफ्तार किया था .

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

अभ्यर्थियों ने इस मामले की शिकायत पहले RTI के जरिए की, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

हाईकोर्ट (वेकेशन बेंच, जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास) ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए:

  • आयोग से स्पष्ट जवाब मांगा है कि इतनी कम अवधि में मूल्यांकन कैसे हुआ.

  • परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं.

  • मामले की अगली सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है.

अभ्यर्थियों की मांगे

आक्रोशित अभ्यर्थी कई मांगें कर रहे हैं:

  • इस पूरी प्रक्रिया की न्यायिक जांच हो.

  • नियुक्ति प्रक्रिया (इंटरव्यू और पोस्टिंग) पर तत्काल रोक लगाई जाए.

  • सभी उत्तर पुस्तिकाओं को सार्वजनिक किया जाए.

अब सबकी नजर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 5 अगस्त 2026 को होने वाले अगले फैसले पर टिकी है. देखना होगा कि कोर्ट CGPSC को कितनी सख्ती बरतता है और क्या रिजल्ट पर रोक लगाने जैसे बड़े कदम उठाए जाते हैं.

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