रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के रावाभाठा इलाके में गुरुवार को दहशत का माहौल बन गया। एक घर से संदिग्ध बम सामग्री मिलने की खबर ने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया। जैसे ही यह सूचना पुलिस तक पहुंची, हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) और फॉरेंसिक टीम पहुंच गई। इलाके को तुरंत घेर लिया गया, और आसपास के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया।
बैग में छिपा था खतरा
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि खमतराई थाना क्षेत्र के रावाभाठा इलाके में एक घर के पास संदिग्ध बैग पड़ा हुआ है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बैग को खोलकर देखा, तो सभी के होश उड़ गए। बैग में बैटरी, तार, एयरगन, रसायन से भरी बोतलें और यहां तक कि डेटोनेटर जैसी चीजें मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बम स्क्वॉड को बुलाया गया।
विशेषज्ञ टीम ने पूरे इलाके की बारीकी से जांच की और घंटों तक काम करके यह सुनिश्चित किया कि आसपास कोई और खतरनाक सामान तो नहीं है। गनीमत रही कि समय पर सूचना मिल गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

इसी मकान में मिला संधिग्ध समान
सुरक्षा के घेरे में आया पूरा इलाका
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से जुड़ी अच्छी खबरों के बीच रायपुर के इस इलाके के लिए यह खबर झटके जैसी थी। संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने पूरे रावाभाठा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी। लोगों की आवाजाही पर नजर रखी गई, और कुछ देर के लिए आसपास के इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया ताकि किसी की जान को खतरा न हो।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर डर और बेचैनी है। कई लोग तो यहां तक बोल रहे हैं कि रोज-रोज की तंगी और महंगाई के बीच जब बम-बारूद की खबरें सुनने को मिलें, तो चिंता होना स्वाभाविक है।
एक शख्स पर शक, पुलिस कर रही तफ्तीश
अभी तक जो सूचनाएं सामने आई हैं, उसमें एक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसी ने कथित तौर पर बैग वहां छोड़ा था। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच चल रही है और सारे पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही असल तस्वीर साफ हो पाएगी।
पुलिस फिलहाल इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह सामग्री इतने आम इलाके में कैसे पहुंची, क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी, या फिर किसी शरारती तत्व की करतूत है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने किया छाना
बम डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संदिग्ध वस्तुओं को जब्त कर लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया। साथ ही, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने भी सबूत इकट्ठा किए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद किए गए रसायन कितने खतरनाक थे, और क्या इनका इस्तेमाल किया भी जा सकता था।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सामान का मिलना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है। खासकर राजधानी के घने बसे इलाके में अगर यह सब मिल रहा है, तो यह चिंता का विषय है।
सियासत भी हुई गरम, उठे सवाल
जैसे ही यह खबर फैली, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई। कुछ नेताओं ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि आखिर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कैसे काम कर रही है। वहीं, विपक्ष ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस प्रशासन साफ कह रहा है कि जो भी सामने आएगा, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
लोगों से अपील – सतर्क रहें, अफवाहों से बचें
घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। साथ ही कहा कि इस मामले में तरह-तरह की अफवाहें फैल सकती हैं, इसलिए लोग किसी भी बिना पुष्टि वाली खबर पर भरोसा न करें और न ही उन्हें फैलाएं।
प्रशासन का कहना है कि सतर्कता और समय पर सूचना से बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी स्थिति पर कंट्रोल में है।
पहले भी मिल चुका है संदिग्ध सामान
यह पहला मौका नहीं है जब रायपुर में ऐसा कुछ हुआ हो। पिछले कुछ सालों में राजधानी समेत प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी कभी पुराने बम, तो कभी संदिग्ध कंटेनर या केमिकल बरामद होने की खबरें आई हैं। हर बार पुलिस और बम स्क्वॉड ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया। इस बार भी ऐसा ही हुआ, लेकिन यह सवाल बना रहता है कि आखिर यह सब कहां से आता है और क्यों?
क्या है आगे का प्लान?
फिलहाल पुलिस की पूरी टीम इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। एक तरफ जहां फॉरेंसिक जांच चल रही है, वहीं आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में खुलासा हो जाएगा। तब तक के लिए लोगों को सतर्क और धैर्य रखने की जरूरत है। रावाभाठा का यह मामला फिलहाल सुलझता नजर आ रहा है, लेकिन सभी की नजरें अब जांच एजेंसियों पर टिकी हैं।



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