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कवर्धा: किसानों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Tukaram Chandravanshi Indian Youth Congress ने आरोप लगाया है कि किसानों को सस्ती DAP खाद से वंचित कर महंगी और अमानक NPK खाद खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
“कार्यालयों में बैठे अधिकारी कर रहे हैं सौदा”
तूकाराम चंद्रवंशी ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा:
> “कार्यालयों में बैठे अधिकारी किसानों की मजबूरी का सौदा कर रहे हैं”
> “₹1300 की DAP नहीं दी जा रही, ₹1900 का NPK लेने को मजबूर किया जा रहा है”
उन्होंने इसे किसानों के साथ खुली लूट बताया और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाए।
किसानों पर बढ़ता आर्थिक दबाव
इस स्थिति का सीधा असर किसानों की लागत और खेती पर पड़ रहा है:
> खेती की लागत बढ़ रही है
> छोटे किसानों पर आर्थिक बोझ
> फसल उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है
प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
यह मामला सिर्फ खाद की कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि:
- सरकारी वितरण प्रणाली की पारदर्शिता
- अधिकारियों की जवाबदेही
- किसानों के अधिकार
> इन सभी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
आगे क्या?
किसानों और किसान नेताओं ने मांग की है कि:
> DAP खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
> महंगे NPK की जबरदस्ती पर रोक लगे
> दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो

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