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राजनांदगांव | 27 मई 2026 Source: https://www.facebook.com/vikalp.balaji
राजनांदगांव जिले में आगामी पंचायत चुनाव, त्योहारों के मौसम और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा ने सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और फील्ड ऑफिसर्स के साथ एक मैराथन बैठक की। घंटों चली इस बैठक में कानून व्यवस्था, विजिबल पुलिसिंग और पुलिस अनुशासन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।
क्या हुआ बैठक में? केस स्टडी के जरिए समझाइश
बैठक के दौरान एसपी अंकिता शर्मा ने पहले हुई कुछ संवेदनशील घटनाओं का केस स्टडी के रूप में विश्लेषण किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि कानून व्यवस्था के मामलों में केवल घटना के बाद कार्रवाई करना काफी नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी चुनौती है – पहले से आंकना और तैयार रहना। जहां कहीं भी तनाव या विवाद की आशंका हो, वहां पहले से मुस्तैद रहना ही बेहतर पुलिसिंग की पहचान है।
थाना प्रभारियों और फील्ड ऑफिसर्स को साफ निर्देश दिए गए कि जैसे ही किसी विवाद या संदिग्ध स्थिति की खबर मिले, बिना देरी के मौके पर पहुंचें और हालात को बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में लें। त्वरित निर्णय क्षमता और आपसी समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
पंचायत चुनाव और त्योहारों को लेकर विशेष रणनीति
बैठक में आगामी पंचायत चुनाव और त्योहारों को देखते हुए शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा रणनीति तैयार की गई। संवेदनशील क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और पहले से विवादित इलाकों की अलग से समीक्षा की गई।
एसपी अंकिता शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि चुनाव के दौरान या धार्मिक आयोजनों के नाम पर किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और शांति समिति के सदस्यों से लगातार संवाद बनाए रखें। जितना बेहतर संवाद होगा, स्थितियां उतनी ही बेहतर होंगी।
क्विक रिस्पांस टीम – 10 से 15 मिनट में मौके पर पहुंचेगी पुलिस
बैठक में जिले में गठित “लॉ एंड ऑर्डर क्विक रिस्पांस टीम” की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। यह टीम लगभग एक माह पहले बनाई गई थी और यह पुलिस लाइन और एसपी कार्यालय में हमेशा अलर्ट रहती है। एसपी ने बताया कि यदि कानून व्यवस्था की कोई घटना होती है, तो यह टीम शहरी क्षेत्रों में मात्र 10 से 15 मिनट में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती है। इस बेहतर रिस्पांस टाइम और तत्परता के लिए रिजर्व इंस्पेक्टर की जमकर सराहना भी हुई।
लगातार पेट्रोलिंग और विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश
एसपी शर्मा ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “आम नागरिक को पुलिस की मौजूदगी महसूस होनी चाहिए। जब लोग सुरक्षित महसूस करेंगे, तभी हम अपनी जिम्मेदारी सही से निभा पाएंगे।”
इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने, गुंडा-बदमाशों की नियमित जांच-पड़ताल करने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए गए। रात्रि गश्त को और भी मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
सोशल मीडिया पर नजर – अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उससे फैलने वाली अफवाहों पर भी गंभीर चर्चा हुई। एसपी ने साइबर मॉनिटरिंग बढ़ाने और आपत्तिजनक पोस्ट फैलाने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा – “सोशल मीडिया पर एक छोटी सी अफवाह भी बड़ी कानून व्यवस्था की समस्या बन सकती है। हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।”
मॉक ड्रिल और त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारी
पुलिस की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में मॉक ड्रिल आयोजित करने की योजना बनाई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी किए मौके पर पहुंचना और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित करना सुनिश्चित किया जाए।
एसपी ने कहा, “अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी – ये तीन चीजें हमारी ताकत हैं। हर पुलिसकर्मी को इन तीन सूत्रों पर काम करना है।”
आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील
बैठक के अंत में राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जनता और पुलिस के आपसी सहयोग से ही जिले में शांति और सद्भाव बना रह सकता है।
एसपी अंकिता शर्मा ने बैठक का समापन करते हुए साफ कहा – “राजनांदगांव पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिक की सुरक्षा और कानून व्यवस्था है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पुलिस और जनता के बीच भरोसे की मजबूत डोर
एसपी अंकिता शर्मा की इस मैराथन बैठक ने यह संदेश दे दिया है कि पंचायत चुनाव और त्योहारों के दौरान राजनांदगांव में कानून व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अब जरूरत है – जनता का भी सहयोग। जब पुलिस और आम आदमी दोनों एक साथ खड़े होंगे, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं लगेगी। और एसपी अंकिता शर्मा की ऊर्जा और अनुशासन यह सुनिश्चित करने के लिए काफी है कि राजनांदगांव हर स्थिति से निपटने को तैयार है।

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