![]() |
| Used for news/editorial purposes only | Copyright infringement is not intended |
पश्चिम बंगाल से एक बार फिर दिल दहला देने वाली राजनीतिक हिंसा की खबर सामने आई है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में जिस तरह से तनाव बढ़ रहा है, उसने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है।
सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक और कार्यकर्ता मधु मंडल को निशाना बनाया गया है।
तीन दिन में तीसरी मौत – मधु मंडल की कैसे हुई हत्या?
बता दें कि चुनाव परिणामों के बाद राज्य में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मधु मंडल (जिन्हें मधु मंडल के नाम से भी जाना जाता है) न्यू टाउन इलाके के रहने वाले थे। वे राजारहट-न्यू टाउन विधानसभा क्षेत्र के बालीगढ़ी इलाके में रहते थे। उनके साथ जो हुआ, वह बेहद दर्दनाक है।
घटना 5 मई, मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। आरोप है कि कमल मंडल नाम के एक तृणमूल कांग्रेस नेता और उनके साथियों ने मधु मंडल पर बेरहमी से हमला कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मधु मंडल की आरोपी तृणमूल नेता कमल मंडल से काफी समय से जमीन को लेकर खूनी रंजिश चल रही थी। BJP की जबरदस्त जीत के बाद यह तनाव चरम पर पहुंच गया और इसी बीच यह वारदात कर दी गई।
बेहद बुरी तरह से पीटे गए मधु मंडल को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
हालांकि, इस मामले में पुलिस ने काफी तेजी से काम किया। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी तृणमूल कांग्रेस नेता कमल मंडल भी शामिल है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी हत्याकांड को अंजाम देने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पार करके फरार होने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बनगांव और गोपालनगर इलाके से गिरफ्तार किया।
कमल मंडल राजारहट पाथरघाटा ग्राम पंचायत के पूर्व सदस्य भी रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या का मामला
इससे पहले, 6 मई की रात पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ राथ (चंद्रा) की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
यह वारदात मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। Chandranath Rath, जो पूर्व एयरफोर्स कर्मी भी थे, उनकी कार का पीछा करके हमलावरों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया था।
सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्याकांड को 'पूर्व-नियोजित हत्या' करार दिया था और आरोप लगाया था कि यह हमला तृणमूल कांग्रेस की साजिश थी।
हालांकि, दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने भी इसी घटना पर CBI जांच की मांग की है।
दंगल का माहौल – क्या बोले नेता?
इन लगातार हो रही घटनाओं ने राज्य में सियासी पारा गर्म कर दिया है।
BJP का आरोप: सुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा में तैनात निजी सहायक (एसपीओ) पुलिस अफसरों की नाक के नीचे यह सब हुआ। कैसे ऐसा हो सकता है?
तृणमूल का पलटवार: तृणमूल नेता 'बुलडोजर राजनीति' और राज्य में 'आतंक' का माहौल पैदा करने के लिए BJP पर निशाना साध रहे हैं।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह शनिवार (9 मई) को कोलकाता पहुंच रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि वे राज्य नेतृत्व, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ बैठक करेंगे और जल्द से जल्द नई BJP सरकार के गठन और बदले हालात को संभालने की रणनीति तय करेंगे।
प्रशासन ने कसी कमर
West Bengal Police ने अब तक 200 से अधिक प्राथमिकियां (FIRs) दर्ज कर ली हैं और 433 लोगों को गिरफ्तार किया है। 1,100 से अधिक लोगों को निवारक हिरासत में लिया गया है।
राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 500 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं।
निष्कर्ष – क्या कहता है यह पूरा मामला?
ये घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि West Bengal में सत्ता-परिवर्तन की प्रक्रिया कितनी खूनी रही है। जहां एक तरफ BJP ने 207 सीटों के साथ बंपर बहुमत हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर यह बदलाव आसान नहीं हो रहा है।
जरूरी है कि:
निष्पक्ष जांच हो – CBI या फिर कोई और एजेंसी, लेकिन दोषियों तक पहुंचा जाए।
सख्त सजा मिले – ताकि आतंक फैलाने वालों के हौसले पस्त हों।
शांति बनी रहे – राजनीतिक मतभेद हिंसा का रूप न लें।
फिलहाल, राज्य में सियासी उथल-पुथल जारी है। Ab ki baar, 400 paar का ये आंकड़ा न सिर्फ Bengal की, बल्कि पूरे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला कर रहेगा।

0 Comments