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नई दिल्ली | 28 मई 2026
भारत के महत्वाकांक्षी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। रक्षा मंत्रालय ने 27 मई 2026 को इस प्रोजेक्ट के लिए तीन शॉर्टलिस्ट बोलीदाताओं को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर दिया है । यानी अब इन कंपनियों को अपना विस्तृत टेक्निकल और फाइनेंशियल प्लान पेश करना होगा।
यह कदम भारत के स्वदेशी रक्षा निर्माण को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, खासकर जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को इस रेस से बाहर रखा गया है और पहली बार किसी बड़े फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट की कमान पूरी तरह प्राइवेट सेक्टर को सौंपी जा रही है ।
रेस में कौन-कौन है?
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी RFP के अनुसार, इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए तीन कंसोर्टियम (समूह) शॉर्टलिस्ट किए गए हैं :
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का कंसोर्टियम - जिसमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज शामिल हैं ।
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) - जिसने अकेले दम पर बोली लगाई है।
भारत फोर्ज (Bharat Forge) का कंसोर्टियम - जिसमें पीएसयू (सार्वजनिक उपक्रम) BEML और डेटा पैटर्न्स शामिल हैं ।
इन तीनों को अब अपने प्रस्ताव देने होंगे। मंत्रालय की योजना के अनुसार, कंपनियों को आरएफपी का जवाब देने के लिए करीब 3-4 महीने का समय दिया गया है । उम्मीद है कि 2027 की शुरुआत तक विजेता कंपनी का चयन कर लिया जाएगा ।
AMCA प्रोजेक्ट क्यों है खास और महत्वपूर्ण?
AMCA कोई साधारण लड़ाकू विमान नहीं है। इसे भारत का पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) का स्टील्थ फाइटर जेट कहा जा रहा है, जो अमेरिका के F-35, चीन के J-20 और रूस के Su-57 की टक्कर का होगा । इसकी कुछ खासियतें इस प्रकार हैं:
स्टील्थ क्षमता (Stealth Capability): यानी यह विमान दुश्मन के रडार पर कम दिखाई देगा, जिससे दुश्मन की सीमा में घुसकर हमला करना आसान हो जाएगा।
एडवांस्ड एवियोनिक्स और AI: इसमें अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल होगा, जिससे यह और अधिक स्मार्ट और घातक बनेगा ।
सुपरक्रूज क्षमता: यह विमान आफ्टरबर्नर (अतिरिक्त शक्ति) का इस्तेमाल किए बिना भी सुपरसोनिक गति से उड़ान भर सकेगा।
भारत को इसकी बेहद जरूरत है, क्योंकि पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान के पास पहले से ही पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं या वे उन्हें हासिल करने की कोशिशों में लगे हैं ।
यह प्रोजेक्ट कितना बड़ा है और आंध्र प्रदेश से इसका क्या कनेक्शन है?
AMCA प्रोजेक्ट का अनुमानित बजट करीब ₹15,000 करोड़ है । इस पैसे से 5 प्रोटोटाइप (पहले नमूने) बनाए जाएंगे। 15 मई 2026 को ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश) में इस प्रोजेक्ट के लिए एक अत्याधुनिक सेंटर का शिलान्यास किया था । यहीं पर इन विमानों को असेंबल और टेस्ट किया जाएगा।
इसे "मेक इन इंडिया" और "आत्मनिर्भर भारत" की दिशा में सबसे अहम कदमों में गिना जा रहा है। इससे न केवल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि देश में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम तैयार होगा और हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा ।
आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये तीनों दिग्गज कंपनियां क्या प्रस्ताव लेकर आती हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विजेता कंपनी AMCA के प्रोटोटाइप बनाने का काम शुरू करेगी। उम्मीद है कि पहला प्रोटोटाइप 2028 के आसपास अपनी पहली उड़ान भर सकता है , हालांकि भारतीय वायुसेना में इसके शामिल होने में अभी एक दशक से अधिक का समय लग सकता है ।
निचली पंक्ति: AMCA प्रोजेक्ट अब कागजों से निकलकर धरातल पर उतर चुका है। यह सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति और रक्षा आकांक्षाओं का प्रतीक है।

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