आज से शुरू हुआ नौतपा, रायपुर में तापमान 45°C के पार: छत्तीसगढ़ में भीषण लू का कहर, रात की हवा भी झुलसा रही

 


छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अब विकराल रूप ले लिया है। रविवार से नौतपा की शुरुआत के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में तापमान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। राजधानी रायपुर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जबकि कई इलाकों में लू ऐसी चल रही है मानो आग बरस रही हो। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राहत नहीं मिलने की साफ चेतावनी दी है। दिन की तपन ही काफी नहीं थी, अब रात की हवा भी गर्म हो गई है – लोगों का रात को सोना भी मुहाल हो गया है।

नौतपा क्या होता है और क्यों माना जाता है इतना कष्टदायी?

भारतीय ज्योतिष और मौसम विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब लगातार नौ दिनों तक पड़ने वाली तेज गर्मी को नौतपा कहा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान आसमान छूने लगता है। हर साल मई के अंतिम सप्ताह में आने वाला यह दौर गर्मी का सबसे कष्टदायी समय माना जाता है। इस बार नौतपा ने ऐसा रुख दिखाया है कि लोग अलावा में बैठने की जगह ठंडक की दुआ कर रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार पश्चिमी हवाओं और सूखी परिस्थितियों ने गर्मी की मार को और बढ़ा दिया है। नमी कम होने से सीधी धूप और गर्म हवाओं का असर और भी जानलेवा हो गया है।

रायपुर समेत कई शहरों में पारा 45 के पार

रायपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 45°C के करीब पहुंच गया। बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, बलौदाबाजार और रायगढ़ जैसे शहरों में भी तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम वाले लोग भी घर से निकलने से पहले सौ बार सोच रहे थे। जो मजबूरन बाहर निकले, उनके हाल बेहाल थे।

एक ऑटो चालक ने बताया – “इतनी गर्मी पड़ रही है कि हेलमेट पहनकर बैठना भी मुश्किल हो गया है। पंखे की हवा भी गर्म लगती है। रुक-रुक कर पानी पीना पड़ रहा है।”

रात की हवा भी नहीं दे रही राहत

इस बार सबसे बड़ी परेशानी रात के तापमान को लेकर है। आमतौर पर रात में गर्मी से कुछ राहत मिल जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। रायपुर समेत कई शहरों में रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। देर रात तक गर्म हवा चल रही है, जिससे लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। पंखे और कूलर जबरदस्ती चल रहे हैं, लेकिन हवा में ठंडक नाम की कोई चीज नहीं है।

एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा – “पहले कहते थे रात को ठंडी हवा चलती है, अब तो रात की हवा भी झुलसा रही है। बिना एसी के तो जैसे जीना ही मुश्किल हो गया है।”

उनके घर में एसी नहीं है, और उनकी तरह हजारों परिवार रातों की नींद हराम हुए पड़े हैं।

बिजली की मांग बढ़ी, लोड बढ़ा, परेशानी बढ़ी

गर्मी का सीधा असर बिजली की खपत पर भी पड़ा है। एसी, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से पूरे प्रदेश में बिजली की मांग आसमान छू गई है। कई इलाकों में लो वोल्टेज और लोकल फॉल्ट की शिकायतें आने लगी हैं। सुबह-शाम बिजली जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है, जिससे लोगों का जीना और मुश्किल हो गया है।

बिजली विभाग ने स्थिति पर नियंत्रण का दावा किया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कह रही है। लोग सोशल मीडिया और हेल्पलाइन पर बिजली की शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन तपती दोपहरी में बिजली का जाना किसी अभिशाप से कम नहीं है।

स्वास्थ्य पर भी बुरा असर, डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी

लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की सेहत को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को खतरा सबसे ज्यादा है।

स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि:

  • दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में न निकलें

  • अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें

  • हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें

  • खाली पेट बाहर न जाएं

  • प्यास न होने पर भी पानी पीते रहें

बाहर काम करने वाले मजदूरों, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और दूध-समाचार बांटने वालों के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। उन्हें साथ में पानी की बोतल और छाता रखने की सलाह दी गई है।

किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ी

इस भीषण गर्मी का असर खेती-किसानी पर भी दिखने लगा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक तापमान और सूखी हवाओं से खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। सब्जियों और फलों की फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। गर्मी से फूल झड़ने और फलों के आकार में कमी आने के मामले सामने आ रहे हैं।

पशुपालक भी परेशान हैं। तेज गर्मी के कारण पशुओं में पानी की खपत कई गुना बढ़ गई है। तालाब और छोटे जल स्रोत सूखने लगे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट गहराता दिख रहा है। पशुओं को ठंडे स्थान पर रखने और उन्हें बार-बार पानी पिलाने की सलाह दी गई है।

अगले चार दिन और बढ़ सकती है गर्मी, राहत दूर

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश में लू का कहर जारी रहेगा। कुछ जिलों में तापमान 46 डिग्री तक पहुंच सकता है। फिलहाल कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ या बारिश की संभावना नहीं है, जिससे तत्काल राहत की उम्मीद कम दिख रही है। हालांकि कुछ इलाकों में शाम के समय हल्के बादल छाने की संभावना है, लेकिन इससे तापमान में गिरावट की उम्मीद नहीं है।

सोशल मीडिया पर मची चर्चा, लोगों ने बनाए मीम्स

भीषण गर्मी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। लोग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मीम्स शेयर कर रहे हैं। कोई लिख रहा है – “रात की हवा भी अब हेयर ड्रायर जैसी लग रही है।” तो कोई कह रहा है – “पानी भी गर्म हो गया है, एसी भी गर्म हवा दे रहा है, अब कहाँ जाएं?” कुछ यूजर्स ने बिजली और पानी की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है तो कई मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दे रहे हैं।

गर्मी से बचना ही सबसे बड़ा उपाय

नौतपा ने इस बार पूरी ताकत से दस्तक दे दी है। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में पारा 45 के पार पहुंच चुका है। रात की नींद हराम है, दिन का तापमान जानलेवा है। फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी और डॉक्टरों की सलाह को गंभीरता से लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अधिक से अधिक पानी पिएं, धूप से बचें, और जरूरी हो तो ही बाहर निकलें। यह विकराल गर्मी जल्द ही गुजर जाएगी, लेकिन तब तक सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

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