NEET-UG 2026: नागपुर के छात्र को अबू धाबी में मिला परीक्षा केंद्र, NTA की बड़ी लापरवाही उजागर

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 शिकायत के बाद एजेंसी ने मानी तकनीकी गलती, नया एडमिट कार्ड जारी करने का दिया आश्वासन


नई दिल्ली/नागपुर। NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने परीक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र महाराष्ट्र की बजाय अबू धाबी आवंटित कर दिया गया, जिससे छात्र और उसके परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

क्या है पूरा मामला?

नागपुर निवासी छात्र अब्दुल्लाह को NEET-UG 2026 के लिए जारी एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी (यूएई) दर्शाया गया। यह देखकर छात्र और उसके परिवार के होश उड़ गए, क्योंकि उन्होंने परीक्षा केंद्र के लिए स्थानीय विकल्प ही चुना था।

परिवार का कहना है कि इतनी कम समय-सीमा में पासपोर्ट और वीजा की व्यवस्था करना संभव नहीं था। ऐसे में परीक्षा देना लगभग असंभव हो जाता।

परिवार ने जताया विरोध

इस गंभीर चूक के खिलाफ छात्र और उसके परिजनों ने तुरंत आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने इसे NTA की बड़ी प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सवाल उठाए कि आखिर इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की गलती कैसे हो सकती है।

परिजनों के अनुसार, अगर समय रहते इस गलती का पता नहीं चलता, तो छात्र का एक साल बर्बाद हो सकता था।

NTA ने मानी गलती

मामला सामने आने के बाद NTA ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया और अपनी गलती स्वीकार की। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि छात्र को नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा और उसका परीक्षा केंद्र नागपुर में ही आवंटित किया जाएगा।

हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बावजूद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

परीक्षा प्रबंधन पर उठे सवाल

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब NEET परीक्षा पहले से ही कई विवादों और जांचों के घेरे में रही है। ऐसे में इस तरह की चूक ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में इस स्तर की गलती बेहद गंभीर है और इससे लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

छात्रों में बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद अन्य छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी आशंकाएं व्यक्त करते हुए एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र की जानकारी को दोबारा जांचने की अपील की है।

क्या सुधार जरूरी?

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि NTA को अपने तकनीकी सिस्टम और डेटा वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और मजबूत करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति न हो।

इसके अलावा, परीक्षा से जुड़े सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।


कुल मिलाकर, नागपुर के छात्र के साथ हुई यह घटना सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि परीक्षा प्रबंधन की गंभीर खामी को उजागर करती है। अब देखना होगा कि NTA इस मामले से सबक लेकर भविष्य में कितनी सुधारात्मक कार्रवाई करता है।

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