ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक केस में ED की एंट्री: मनी ट्रेल से लेकर अंतरराज्यीय नेटवर्क तक होगी जांच, चार्जशीट और केस डायरी तलब

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ड्रग्स नेटवर्क मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। कथित "ड्रग्स क्वीन" नाव्या मलिक से जुड़े मामले में ईडी ने मनी ट्रेल, आर्थिक लेन-देन और कथित ड्रग कारोबार से अर्जित संपत्तियों की जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए एजेंसी ने पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों से चार्जशीट, केस डायरी और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि ड्रग्स कारोबार से जुड़े नेटवर्क के जरिए कहीं अवैध कमाई को वैध बनाने यानी मनी लॉन्ड्रिंग का प्रयास तो नहीं किया गया। यदि जांच में अवैध धन के लेन-देन के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत भी दर्ज किया जा सकता है। देशभर में ऐसे मामलों में ईडी द्वारा मनी ट्रेल की जांच और संपत्तियों की पड़ताल की जाती रही है।

पहले से चर्चा में रहा है मामला

नाव्या मलिक का नाम पिछले वर्ष सामने आए रायपुर के चर्चित ड्रग्स नेटवर्क मामले में प्रमुख रूप से सामने आया था। पुलिस की जांच में एमडीएमए और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का दावा था कि नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों और विदेशी संपर्कों तक भी जुड़े हुए थे।

जांच के दौरान कई डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी बरामद किए गए थे। पुलिस ने दावा किया था कि नेटवर्क सोशल मीडिया, निजी पार्टियों और परिचितों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था।

चार्जशीट में मंगेतर की भूमिका का बड़ा खुलासा

मामले में दाखिल चार्जशीट में एक चौंकाने वाला खुलासा भी सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश होने के पीछे नाव्या मलिक के मंगेतर अयान परवेज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि अयान और नाव्या के बीच संबंधों में तनाव चल रहा था तथा अयान उससे दूरी बनाना चाहता था।

जांच दस्तावेजों के मुताबिक, अयान ने कथित तौर पर दिल्ली से रायपुर आने वाली ड्रग्स की खेप की सूचना पुलिस तक पहुंचाई थी। इसी सूचना के आधार पर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की और नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता हासिल की। चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि अयान स्वयं भी कथित रूप से इस नेटवर्क की गतिविधियों से परिचित था और कुछ मामलों में उसकी भूमिका की भी जांच की गई।

हालांकि पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कुल नौ आरोपियों को शामिल किया है। जांच के दौरान कई प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के नाम चर्चा में आए थे, लेकिन अंतिम चार्जशीट में ऐसे किसी नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। इससे मामले के कई पहलुओं को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। फिलहाल न्यायालय में मामले की सुनवाई और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।

अयान–सोहेल कॉल रिकॉर्डिंग की ट्रांसक्रिप्ट

अयान और उसके सोहेल नाम के साथी के बीच हुई कॉल रिकॉर्डिंग की ट्रांसक्रिप्ट में कई अहम बातें सामने आई हैं:

  • सोहेल: पढ़ा उसको

  • अयान: नहीं पढ़ा हूं, रुकना, एक्टिवा चला रहा हूं, रुक कर आराम से पढ़ता हूं

  • सोहेल: 27 ग्राम मिला है

  • अयान: पता है मुझको। 25 ग्राम है, 2 ग्राम डिब्बी का वजन रहता है

  • सोहेल: और मापने-तौलने की मशीन भी मिली है

  • अयान: हां, लेकर घूमते हैं न उन लोगों। कमर वाला याद है तेरे को, मेरे हाथ से ही दी हुई है।

  • सोहेल: मूंछ वाला लड़का आया था, हरियाणा से

  • अयान: दिल्ली से सामान लेकर आता है न वो। 5 बार तो उससे सामान भी लिया हूं।

  • सोहेल: लेकिन अब हम छोटा-मोटा काम नहीं करेंगे, मेरे को प्रेस रिलीज पढ़ कर समझ आ रहा है

  • अयान: मैं क्या बोला था, छत्तीसगढ़ के इतिहास में सबसे बड़ा माल पकड़ा है तुम लोग, सबसे बड़ा।

  • सोहेल: मतलब कि बहुत क्वांटिटी है ये...

  • अयान: बहुत ज्यादा क्वांटिटी है। 27 ग्राम अगर आ जाए न तो, क्लबों में 5-6 जगह पार्टी हो जाए।

  • सोहेल: 5-6 जगह पार्टी हो जाएगी, अरे बाप रे बाप। मतलब लंबे-चौड़े से गए हैं इन लोग।

  • अयान: बहुत लंबे से... बहुत लंबे से।

  • सोहेल: और ये अगर नाव्या भी कॉन्टेक्ट में आती है तो वो भी लंबे से ही जाएगी।

  • अयान: लंबा। मैं लगा रहा हूं तेरे को, आराम से। कॉल कट...

ED क्यों हुई सक्रिय?

कानूनी जानकारों के अनुसार, जब किसी आपराधिक मामले में बड़ी रकम के लेन-देन, संपत्ति निर्माण या अवैध कमाई को छिपाने के संकेत मिलते हैं, तब ईडी संबंधित एजेंसियों से दस्तावेज मांगकर प्रारंभिक जांच शुरू करती है। इसी प्रक्रिया के तहत नाव्या मलिक प्रकरण से जुड़े दस्तावेज तलब किए गए हैं।

ईडी अब यह जांच कर सकती है कि कथित ड्रग कारोबार से जुड़े धन का उपयोग किन खातों, संपत्तियों या व्यावसायिक गतिविधियों में किया गया। एजेंसी यह भी देखेगी कि कहीं हवाला, डिजिटल वॉलेट, बैंकिंग चैनल या अन्य माध्यमों से अवैध धन को स्थानांतरित तो नहीं किया गया।

चार्जशीट और जांच दस्तावेजों की होगी समीक्षा

ईडी ने मामले की पूरी चार्जशीट, आरोपियों के बयान, जब्ती पंचनामा, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों से संबंधित दस्तावेजों की मांग की है। इन दस्तावेजों के अध्ययन के बाद एजेंसी यह तय करेगी कि क्या इस मामले में धन शोधन के पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं।

यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं के ठोस प्रमाण सामने आते हैं, तो ईडी स्वतंत्र रूप से मामला दर्ज कर सकती है। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ, संपत्तियों की जांच और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल का दायरा और बढ़ सकता है।

नेटवर्क के अन्य कनेक्शन भी जांच के दायरे में

एजेंसियां केवल मुख्य आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। जांच में उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा सकती है जो कथित रूप से नेटवर्क को आर्थिक, तकनीकी या लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करा रहे थे। इसके अलावा ड्रग्स की सप्लाई चेन, धन के स्रोत और संभावित लाभार्थियों की भी जांच की जाएगी।

अभी जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी

हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी तक किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। ईडी की ओर से दस्तावेज मांगने की प्रक्रिया को प्रारंभिक जांच का हिस्सा माना जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई दस्तावेजों के परीक्षण और वित्तीय साक्ष्यों के विश्लेषण पर निर्भर करेगी।

फिलहाल ड्रग्स नेटवर्क मामले में ईडी की एंट्री ने जांच को नया आयाम दे दिया है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि मामला केवल नारकोटिक्स अपराध तक सीमित रहता है या फिर इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अपराधों की धाराएं भी जुड़ती हैं। जांच एजेंसियों की नजर अब कथित नेटवर्क के आर्थिक ढांचे और उससे जुड़े सभी संभावित कनेक्शनों पर है।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

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