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डीडीयू नगर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को बड़ी सफलता मिली है। नवीनगर रेलवे स्टेशन पर विशाखापत्तनम-वाराणसी एक्सप्रेस (18523) की जांच के दौरान बी-1 कोच से लावारिस हालत में रखे गए दो बैगों से 29 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 14.50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
दो बैगों से मिले 12 पैकेट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नियमित सुरक्षा जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के अभियान के दौरान नवीनगर स्टेशन पर ट्रेन संख्या 18523 के बी-1 कोच की तलाशी ली गई। इसी दौरान सीटों के पास दो संदिग्ध बैग लावारिस अवस्था में मिले। यात्रियों से पूछताछ करने पर किसी ने भी बैगों पर अपना दावा नहीं किया।
तलाशी के दौरान बैगों के भीतर कुल 12 पैकेट मिले, जिनमें गांजा भरा हुआ था। पैकेटों को विशेष तरीके से पैक किया गया था ताकि सामान्य जांच के दौरान संदेह न हो। जब्त सामग्री का वजन करीब 29 किलोग्राम पाया गया। इसके बाद पूरी खेप को जब्त कर मामला दर्ज किया गया।
रेलवे नेटवर्क बन रहा तस्करों का नया माध्यम
रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाल के वर्षों में गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल बढ़ा है। विभिन्न राज्यों में RPF और GRP द्वारा कई बड़ी कार्रवाई की जा चुकी हैं। कुछ समय पहले रांची रेलवे स्टेशन पर भी विशाखापत्तनम-वाराणसी एक्सप्रेस से 13 किलो गांजा बरामद किया गया था, जो लावारिस बैग में रखा गया था।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि तस्कर रेलवे मार्ग का उपयोग कर मादक पदार्थों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि बैग किस स्टेशन से ट्रेन में चढ़ाए गए और इन्हें किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था, इसका पता लगाने के लिए जांच जारी है।
CCTV और रिजर्वेशन डेटा की जांच
जांच एजेंसियां अब ट्रेन के CCTV फुटेज, आरक्षण रिकॉर्ड और स्टेशन पर लगे कैमरों की मदद से बैग रखने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जिन यात्रियों ने बी-1 कोच में यात्रा की थी, उनके विवरण भी खंगाले जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि तस्करों ने जानबूझकर बैगों को लावारिस छोड़ दिया ताकि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उन्हें बाद में प्राप्त किया जा सके। यह तरीका पिछले कुछ मामलों में भी सामने आया है।
NDPS एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
जब्त गांजे को आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है। मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जाएगी।
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से भी अपील की है कि ट्रेन या स्टेशन परिसर में किसी भी संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति की सूचना तुरंत सुरक्षा कर्मियों को दें। समय पर मिली जानकारी कई बड़ी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।
तस्करी के खिलाफ अभियान जारी
रेलवे प्रशासन का कहना है कि देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नियमित चेकिंग, डॉग स्क्वॉड, निगरानी कैमरे और खुफिया सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। हाल के महीनों में कई राज्यों में RPF और GRP ने बड़ी मात्रा में गांजा बरामद कर तस्करी के नेटवर्क को झटका दिया है।
फिलहाल नवीनगर स्टेशन पर बरामद 29 किलो गांजे के मामले में जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस खेप के पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय था।
रेलवे की सतर्कता से हो रही तस्करों की हार
डीडीयू नगर में रेलवे सुरक्षा बल की इस कार्रवाई ने मादक पदार्थों की तस्करी के बढ़ते खतरे पर एक बार फिर रोक लगाई है। 29 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत 14 लाख से अधिक है, यह साबित करता है कि तस्कर कितने बड़े पैमाने पर अपना नेटवर्क चला रहे थे। अब जरूरत है कि रेलवे और अन्य एजेंसियां मिलकर ऐसे नेटवर्क के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई करें और तस्करों को सबक सिखाएं। यात्रियों को भी चाहिए कि वे सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सुरक्षा बल को दें। तभी हम एक सुरक्षित और नशा मुक्त समाज की कल्पना को साकार कर सकेंगे।
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