अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में IPL 2026 का यह मुकाबला जैसे कोई 'जंग' थी – लेकिन एकतरफा जंग। गुजरात टाइटंस (GT) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच यह भिड़ंत ऐसी रही कि SRH के प्रशंसक मैदान छोड़कर भागते दिखे। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात ने साई सुदर्शन के अर्धशतक के दम पर 168/5 रन बनाए, और फिर अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर हैदराबाद को मात्र 86 रनों पर ढेर कर दिया। गुजरात ने यह मैच 82 रन से जीता और अंक तालिका में पहले स्थान पर कब्जा कर लिया। वहीं हैदराबाद के लिए यह हार शर्मनाक और प्लेऑफ की रेस में बेहद करारा झटका साबित हुई।
GT की पहली पारी: गिल-बटलर हुए फ्लॉप, सुदर्शन ने संभाली नाव
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस ने अपने घरेलू मैदान पर ऐसी शुरुआत की कि फैंस की धड़कनें बढ़ गईं। कप्तान शुभमन गिल – जिनसे हर कोई बड़ी पारी की उम्मीद कर रहा था – जल्दी आउट हो गए। और उनके बाद जोस बटलर भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। पावरप्ले खत्म होते-होते गुजरात लड़खड़ा गई थी। ऐसा लग रहा था कि आज बहुत छोटा स्कोर होगा।
लेकिन तब मैदान पर उतरे साई सुदर्शन। यह वही सुदर्शन हैं, जो मुश्किल वक्त में गुजरात की 'भरोसेमंद दीवार' साबित हुए हैं। उन्होंने अपने बल्ले से संयम और आक्रामकता का अद्भुत मिश्रण पेश किया। एक छोर पर टिके रहे, रनों को थामे रखा और फिर मौका मिलते ही बाउंड्री निकाली। सुदर्शन ने शानदार 61 रन बनाए।
दूसरी तरफ वाशिंगटन सुंदर ने उनका बखूबी साथ दिया। दोनों ने मिलकर गुजरात की पारी को फिर से पटरी पर ला दिया। हालाँकि हैदराबाद के पैट कमिंस और ईशान मलिंगा ने शुरुआत में बहुत तेज गेंदबाजी की थी – पावरप्ले में तो गुजरात ऐसी लग रही थी जैसे बस 120 के पार भी मुश्किल से जाएगी। लेकिन सुदर्शन-सुंदर की साझेदारी ने विकेट न गिरने का जादू दिखाया। अंत में राहुल तेवतिया और निचले क्रम ने कुछ रन जोड़कर स्कोर 168 तक पहुँचा दिया। पहली पारी के अंत में यह स्कोर ठीक-ठाक लग रहा था – सुरक्षित तो नहीं, लेकिन क्या पता था आगे क्या होगा?
SRH की दूसरी पारी: सिराज-रबाडा ने ढहाया, क्लासेन भी नहीं चल पाए
169 रन का लक्ष्य। SRH के लिए यह आसान था – कम से कम कागजों पर तो। लेकिन जैसे ही ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा क्रीज पर आए, गुजरात के गेंदबाजों ने शिकार करना शुरू कर दिया। मोहम्मद सिराज ने पहले ही ओवर में दो बड़े झटके दिए। स्टेडियम में जयकारे गूंजने लगे। यह वही सिराज थे, जिनकी गेंद के सामने हैदराबाद के बल्लेबाज घुटने टेक रहे थे।
फिर आए कगिसो रबाडा। अपनी तेज रफ्तार और सटीक लाइन से उन्होंने SRH के बल्लेबाजों को जमने का मौका ही नहीं दिया। एक के बाद एक विकेट गिरते गए। स्टैंड में लग रहा था जैसे पतझड़ के दिन हों – पत्ते गिर रहे हों।
बीच में हेनरिक क्लासेन – जिनसे हैदराबाद को बड़ी उम्मीद थी – भी कुछ खास नहीं कर पाए। वह मात्र 14 रन बनाकर आउट हो गए। उनके चेहरे पर निराशा साफ दिख रही थी। दूसरे छोर पर कोई उनका साथी नहीं बना। गुजरात के जेसन होल्डर और प्रसिद्ध कृष्णा बेहद घातक साबित हुए। होल्डर ने दमदार गेंदबाजी कर विकेट निकाले, प्रसिद्ध ने अपनी सटीक यॉर्कर से बल्लेबाजों के पैर उखाड़ दिए।
SRH का कोई बल्लेबाज बीस रन का आंकड़ा भी नहीं छू सका। टीम एक-एक कर पवेलियन लौटती गई। बस 86 रन पर पूरी टीम समेट दी गई। यह शर्मनाक हार थी, किसी भी तरह से।
क्या रहा मैच का टर्निंग पॉइंट?
इस मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब सिराज और रबाडा ने पावरप्ले में ही हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। जब ट्रैविस हेड और अभिषेक जैसे बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हो जाएं, तो पूरी टीम बिखरना तय है। गुजरात के गेंदबाजों ने उसी दबाव को अंत तक बनाए रखा। दूसरा टर्निंग पॉइंट रहा – साई सुदर्शन की वो संघर्षपूर्ण पारी, जिसने गुजरात को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचा दिया।
सीख और आगे की राह
गुजरात टाइटंस ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ बल्लेबाजी से नहीं, गेंदबाजी से भी मैच जीत सकते हैं। उनकी यह एकतरफा जीत पूरे टूर्नामेंट में छाई रहेगी। अंक तालिका में टॉप पर पहुँचकर उन्होंने प्लेऑफ की दावेदारी पक्की कर ली है।
दूसरी तरफ हैदराबाद के लिए यह हार दर्पण की तरह है – उनकी बल्लेबाजी कितनी कमजोर है। ट्रैविस हेड, क्लासेन जैसे नाम हैं, लेकिन मुश्किल वक्त में टीम बिखर जाती है। क्लासेन का 14 रन पर आउट होना उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देता है। अगर उन्हें प्लेऑफ में बने रहना है तो बल्लेबाजों को आईना दिखाने की जरूरत है।

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