![]() |
| AI Generated |
खेल जगत से आज एक बहुत बड़ी खबर आई है। दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर उद्योगपतियों में शुमार मित्तल परिवार ने आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स में 75 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है। यानी अब ये टीम असल में उनकी हो गई है।
आइए, इस डील की पूरी कहानी समझते हैं – लेकिन बिल्कुल सीधे और साधारण अंदाज़ में।
क्या हुआ, किसने कितना खरीदा?
तो बात ये है कि मित्तल परिवार (जिसमें लक्ष्मी मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल शामिल हैं) ने सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला के साथ मिलकर यह डील की है ।
हिस्सेदारी इस तरह बंटी है:
मित्तल परिवार: 75% (तीन-चौथाई, यानी बहुमत)
अदार पूनावाला: लगभग 18%
पुराने निवेशक (मनोज बडाले सहित): बाकी का 7%
पूरी डील की कीमत है: करीब $1.65 बिलियन यानी लगभग ₹15,660 करोड़ ।
हाँ, आपने सही पढ़ा – करीब साढ़े पंद्रह हज़ार करोड़ रुपए। इतने पैसे में तो आप कई छोटे देश खरीद सकते हैं।
ये डील इतनी खास क्यों है?
पहली बात तो यह कि आईपीएल की किसी टीम में इतनी बड़ी और इतनी मशहूर कंपनी का आना, लीग की बढ़ती ताकत को दिखाता है। दूसरी बात – यह डील सिर्फ राजस्थान रॉयल्स (IPL) तक सीमित नहीं है। इसमें South Africa की Paarl Royals और Caribbean की Barbados Royals भी शामिल हैं । यानी मित्तल परिवार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट कारोबार में उतर चुका है।
तीसरी और सबसे बड़ी बात – यह उस डील की जगह हुई है जो पहले एक अमेरिकी कंसोर्टियम (Kal Somani, Rob Walton, Sheila Ford Hamp) करने वाला था, लेकिन वह फंडिंग की दिक्कतों की वजह से फिसल गई । तभी मित्तल परिवार ने मौके की भाँप ली।
मित्तल परिवार आखिर कौन है? (जल्दी से जान लीजिए)
हो सकता है कि आप सोच रहे हों – ये मित्तल वो हैं जो एयरटेल चलाते हैं? नहीं, वो सुनील मित्तल हैं। यह दूसरा मित्तल परिवार है ।
यह परिवार है लक्ष्मी निवास मित्तल का। वो जिन्हें दुनिया "स्टील किंग" (King of Steel) के नाम से जानती है ।
पढ़ाई: कोलकाता के सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज से B.Com ।
पहला कदम: 1976 में सिर्फ 26 साल की उम्र में इंडोनेशिया में पहली स्टील फैक्ट्री लगाई ।
बड़ी उपलब्धि: 2006 में यूरोप की सबसे बड़ी स्टील कंपनी Arcelor पर $33 बिलियन का hostile takeover किया – जिसे दुनिया की सबसे दमदार corporate लड़ाइयों में गिना जाता है ।
आज ArcelorMittal दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनियों में से एक है, जो 60 से ज़्यादा देशों में काम करती है ।
कितने अमीर हैं लक्ष्मी मित्तल?
2024 की फोर्ब्स लिस्ट के मुताबिक उनकी संपत्ति $16.7 बिलियन थी .
लेकिन 2025-26 में जबरदस्त तेजी आई। उनकी कंपनी के शेयरों में 80% से ज़्यादा का उछाल आया, जिससे उनकी कुल दौलत $31 बिलियन (लगभग ₹2.87 लाख करोड़) तक पहुँच गई .
इतना ही नहीं – पिछले एक साल में उन्होंने हर रोज औसतन ₹274 करोड़ की कमाई की। हाँ, रोज़ के ₹274 करोड़ ।
अब वे फोर्ब्स की दुनिया की सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में चौथे नंबर के भारतीय हैं ।
आखिर मित्तल परिवार ने राजस्थान रॉयल्स को ही क्यों चुना?
इसके पीछे एक बहुत ही दिलचस्प और भावुक वजह है।
लक्ष्मी मित्तल खुद राजस्थान से हैं। उनका जन्म सादुलपुर, झुंझुनू में हुआ था । तो जब एक राजस्थानी होने के नाते वापस अपने राज्य की टीम का मालिक बनने का मौका मिला, तो उन्होंने इसे हाथ से नहीं जाने दिया।
उन्होंने खुद कहा है:
"मैं क्रिकेट से प्यार करता हूँ और मेरा परिवार राजस्थान से है, तो राजस्थान रॉयल्स से बेहतर कोई दूसरी IPL टीम नहीं हो सकती, जिसका मैं हिस्सा बनना चाहूँ।"
टीम के प्रशंसकों के लिए क्या बदलेगा?
सबसे पहली बात तो यह कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।
पुराने मालिक मनोज बडाले पूरी तरह से टीम नहीं छोड़ रहे हैं। वो बोर्ड में बने रहेंगे और नए और पुराने मैनेजमेंट के बीच कड़ी की तरह काम करेंगे ।
मित्तल परिवार ने साफ कहा है कि राजस्थान रॉयल्स की सबसे बड़ी खूबी – नए युवा खिलाड़ियों को तराशना – आगे भी जारी रहेगी। आदित्य मित्तल के शब्दों में:
"रॉयल्स नई प्रतिभा को विकसित करने के लिए जानी जाती है – यह बात मुझसे बहुत गहराई से जुड़ती है, और हम तय करेंगे कि यह विरासत जारी रहे।"
डील अब हो गई या अभी बाकी है?
एक छोटी सी बात और। अभी यह डील अंतिम रूप से पूरी नहीं हुई है। इसे "डेफिनिटिव एग्रीमेंट" कहते हैं – यानी सब तय हो चुका है, लेकिन कुछ कानूनी औपचारिकताएँ बाकी हैं।
इसके लिए BCCI, IPL गवर्निंग काउंसिल, Competition Commission of India (CCI) और दूसरे नियामकों की मंजूरी चाहिए ।
उम्मीद है कि 2026 की तीसरी तिमाही (July-September) तक यह डील पूरी तरह से हो जाएगी।
निष्कर्ष – एक नए युग की शुरुआत
तो दोस्तों, यह सिर्फ एक खबर नहीं है कि एक अमीर परिवार ने एक क्रिकेट टीम खरीद ली। यह भारतीय क्रिकेट और कारोबारी दुनिया के मिलन का एक बड़ा उदाहरण है।
जब दुनिया का "स्टील किंग" अपने पैतृक राज्य की टीम संभालता है, तो इससे तीन बातें साफ होती हैं:
IPL अब सिर्फ क्रिकेट नहीं, एक ग्लोबल बिजनेस बन चुका है।
राजस्थान रॉयल्स को अब असीमित पूंजी और वैश्विक संपर्क का साथ मिल गया है।
टीम के भविष्य के लिए अब और भी बड़ी संभावनाएँ खुल गई हैं – नए खिलाड़ी, नए कोच, नया इन्फ्रास्ट्रक्चर।
तो आने वाले सीजन में राजस्थान रॉयल्स से और भी ज्यादा धमाल की उम्मीद करिए। क्योंकि अब सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरा एक उद्योग जगत उनके साथ खड़ा है।
हल्ला बोल! 🏏

0 Comments