RBI का बड़ा फैसला: डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा 85% तक पैसा वापस, 1 जुलाई 2026 से लागू

 

₹50,000 तक के फ्रॉड पर अधिकतम ₹25,000 की भरपाई—5 दिन के अंदर शिकायत करना होगा जरूरी


डिजिटल पेमेंट्स के बढ़ते दौर में आम लोगों को राहत देने के लिए Reserve Bank of India (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले नए नियम के तहत अब डिजिटल फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को नुकसान की भरपाई दी जाएगी।

RBI के इस नए प्रावधान के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति के साथ ₹50,000 तक का डिजिटल फ्रॉड होता है, तो उसे अधिकतम ₹25,000 तक का मुआवजा मिल सकेगा। यानी कुल नुकसान का 85% तक ग्राहक को वापस किया जाएगा।

हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। ग्राहक को फ्रॉड की जानकारी मिलने के 5 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज करनी होगी। अगर शिकायत समय पर नहीं की जाती, तो मुआवजा मिलने में दिक्कत हो सकती है।

डिजिटल फ्रॉड क्यों बढ़ रहे हैं?
भारत में UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट्स के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं। ठग फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में RBI का यह कदम आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

किन मामलों में मिलेगा फायदा?
यह नियम उन मामलों में लागू होगा जहां ग्राहक की गलती कम या नहीं के बराबर हो। अगर ग्राहक ने खुद किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया है या OTP साझा किया है, तो बैंक जांच के बाद ही निर्णय लेगा।

ग्राहकों के लिए क्या सावधानी जरूरी है?

  • किसी भी अनजान लिंक या कॉल पर भरोसा न करें
  • OTP, PIN या बैंक डिटेल्स किसी से साझा न करें
  • फ्रॉड होते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें

विशेषज्ञों की राय:
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा और डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती मिलेगी।

निष्कर्ष:
RBI का यह नया नियम डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। हालांकि, ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि समय पर शिकायत करना और सावधानी बरतना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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