क्रिकेट में कभी-कभी ऐसे मैच होते हैं जो एकतरफा ही नहीं, बल्कि कहें तो 'बेरहम' होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब ने 250 से ज्यादा रन ठोक दिए, और फिर लखनऊ को ऐसी हार दी कि वह कभी मैच में लौटती ही नज़र नहीं आई।
पहले बल्ले से ही बिजली गिरा दी
अक्सर टीमें पावरप्ले में संभलकर खेलती हैं, लेकिन पंजाब ने वो भी नहीं किया। उन्होंने पहले ओवर से ही गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। सबसे बड़ा कमाल देखने को मिला प्रियांश आर्या और कूपर कॉनॉली की जोड़ी का। ये दोनों जैसे क्रीज पर जम गए, लखनऊ के गेंदबाजों के हाथ-पैर फूल गए।
एक तो चौके, ऊपर से छक्के। ऐसा लगा जैसे पंजाब के बल्लेबाज किसी अलग ही पारी खेल रहे हों। इस रिकॉर्ड साझेदारी ने लखनऊ के गेंदबाजों का मनोबल तोड़कर रख दिया। नतीजा – पंजाब ने 20 ओवर में 250+ का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया, जो इस सीजन के सबसे ऊंचे स्कोरों में गिना जाएगा।
लखनऊ की कहानी खत्म होने से पहले ही शुरू...
इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना अपने आप में एक चुनौती होती है। मानसिक रूप से टूटकर मैदान पर उतरी लखनऊ की शुरुआत उतनी ही खराब रही जितनी की उम्मीद थी। शुरुआती ओवरों में ही उनके एक-दो अहम विकेट गिर गए और दबाव ऐसा बढ़ा कि फिर कभी पीछा ही नहीं कर पाए।
हालांकि एडेन मार्कराम ने कुछ बड़े शॉट जरूर लगाए, लेकिन वो अकेले क्या करते? दूसरी तरफ से विकेट गिरते ही रहे। कोई साझेदारी नहीं बन पाई, कोई ठहराव नहीं आया।
पंजाब के गेंदबाजों ने लगाई मुहर
और जब लगा कि शायद लखनऊ कुछ कर ले, तब पंजाब के गेंदबाजों ने मिडिल ओवर्स में कस दी। न तो रन बन पाए और न ही बल्लेबाजों को खुलकर खेलने दिया। हर दूसरी-तीसरी गेंद पर विकेट की सरसराहट – मैच पूरी तरह एकतरफा हो गया।
बिना किसी झंझट के, पंजाब ने ये मैच आसानी से अपने नाम कर लिया। लखनऊ की टीम न सिर्फ हारी, बल्कि बड़े अंतर से हारी।
वो एक पल जिसने बदल दिया मैच
सीधी-सी बात है – ये मैच उसी समय खत्म हो गया था जब प्रियांश और कूपर की साझेदारी 100 के पार पहुंच गई। अगर लखनऊ के किसी गेंदबाज ने इस साझेदारी को जल्दी तोड़ दिया होता, तो शायद पंजाब इतना बड़ा स्कोर नहीं बना पाती। लेकिन एक बार जोड़ी जम गई, फिर तो पंजाब की रफ्तार देखते ही बनती है।
हार-जीत का पूरा गणित
पंजाब क्यों जीती?
· दमदार ओपनिंग और उसपर लंबी साझेदारी
· पूरे ओवर रन बनाने की रफ्तार बरकरार रखी
· गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में गला नहीं ढीला छोड़ा
लखनऊ क्यों हारी?
· शुरुआत में ही पिछड़ गए
· गेंदबाजी में कोई प्लान नज़र नहीं आया
· बड़े लक्ष्य के आगे बल्लेबाज घुटने टेक गए
तो आखिर क्या रहा खास?
· 250+ का विशाल स्कोर
· प्रियांश-कूपर की रिकॉर्ड साझेदारी
· पंजाब की लगातार जीत की कहानी
· लखनऊ का बल्ले से लेकर गेंद तक संघर्ष
बात यहीं खत्म नहीं होती
अब साफ दिख रहा है कि इस सीजन में पंजाब किंग्स खिलौना नहीं है। उन्होंने दिखा दिया कि वो बड़े स्कोर भी बना सकते हैं और उसे डिफेंड भी कर सकते हैं। अगर यही लय बनी रही, तो ये टीम खिताब की असली दावेदार बन सकती है।
वहीं लखनऊ के लिए अब वापस बोर्ड पर जाने और अपनी गलतियों को सुधारने का समय आ गया है। वरना यह सीजन उनके लिए जल्दी ही मुश्किल हो जाएगा।

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